संभावित हवाई संचालन को देखते हुए विमानन कंपनियों के साथ ही एयरपोर्ट प्रशासन भी अपनी तैयारियों में जुट गया है। विमान संचालन जब भी शुरू होगा उसे लेकर डीजीसीए ने सभी एयरपोर्ट निदेशकों को निर्देश दिया है कि वह अपने टर्मिनल पर ऐसी व्यवस्था करें कि यात्री एक दूसरे को बिना छुए ही सीधे विमान में बैठ जाएं। प्रयागराज में इसके लिए सैनिटाइजेशन टनल बनाने की तैयारी की जा रही है।
हर उपयोग के बाद लगेज ट्रॉली को भी एयरपोर्ट प्रशासन सैनिटाइज करने की बात कर रहा है। चर्चा यह भी है कि डीजीसीए ने एयरपोर्ट प्रशासन को 18 मई से तैयार रहने को कहा है। लॉक डाउन के बाद घरेलू हवाई सेवाओं को फिर से शुरू करने के लिए प्रयागराज समेत देश के विभिन्न एयरपोर्ट अथॉरिटी की ओर से तैयारी शुरू कर दी गई है। एयरपोर्ट और हवाई यात्रा में वायरस का संक्रमण न फैले इस को लेकर नए सिरे से विस्तृत रोड मैप एयरपोर्ट प्रशासन की ओर से बनाया जा रहा है।
प्रयागराज एयरपोर्ट पर उन पॉइंट्स की पहचान की गई है जहां एयरपोर्ट कर्मी यात्री और उनकी जरूरत से जुड़ी चीजें एक दूसरे के संपर्क में आती हैं। इसको डिसइनफेक्ट करने के साथ ही कोरोना से काफी हद तक बचा जा सकता है। इसके लिए एयरपोर्ट टर्मिनल में प्रवेश के लिए कॉन्टैक्टलेस सिस्टम बनाए जाने की तैयारी की गई है। ताकि कोई यात्री एक दूसरे के संपर्क में ना आए।
एयरपोर्ट पहुंचने के बाद मुसाफिर सबसे पहले लगेज ट्रॉली के संपर्क में आते हैं । इसलिए लगेज ट्रॉली के प्रत्येक उपयोग के बाद उसे एयरपोर्ट प्रशासन सैनिटाइज करवाएगा। मुसाफिरों के बीच सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए टर्मिनल में मार्किंग भी की जाएगी। टिकट संबंधी दस्तावेजों की जांच से पहले सभी यात्रियों की थर्मल स्कैनिंग भी एयरपोर्ट में की जाएगी। यात्रियों को सैनिटाइजर भी उपलब्ध करवाने की तैयारी की गई है।
एयरपोर्ट निदेशक सुनील यादव का कहना है चुनौती बड़ी है फिर भी डीजीसीए की जो भी गाइडलाइन होगी उसका एयरपोर्ट में पूरी तरह से पालन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी फ्लाइट संचालन से जुड़ी कोई जानकारी डीजीसीए की ओर से नहीं मिली है, लेकिन फिर भी हम अपनी तैयारियां कर रहे हैं। मार्किंग बनवाने का काम जल्द शुरू किया जाएगा।