उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की ओर से पीसीएस-2018 की मुख्य परीक्षा का टाइम टेबल जारी किया जा है। परीक्षा 17 जून से शुरू होने जा रही है, लेकिन बड़ी संख्या में अभ्यर्थी चाहते हैं कि परीक्षा को कम से कम एक माह के लिए टाल दिया जाए, ताकि नए पैटर्न पर पहली बार आयोजित होने जा रही परीक्षा की तैयारी और बेहतर ढंग से की जा सके। इस मांग के समर्थन में तकरीबन दो हजार अभ्यर्थियों की मार्कशीट एवं प्रवेशपत्र बृहस्पतिवार को आयोग को सौंपे गए। वहीं, दूसरी ओर तमाम अभ्यर्थियों ने आयोग में प्रत्यावेदन देकर परीक्षा समय से कराने की मांग की है।
भ्रष्टाचार मुक्ति मोर्चा के तहत आयोग में ज्ञापन देने पहुंचे अभ्यर्थियों ने यूपीएससी समेत राजस्थान, छत्तीसगढ़ पीसीएस परीक्षा का हवाला देते हुए कहा कि परीक्षा का पैटर्न बदलने पर जो समय अभ्यर्थियों को दिया जाना चाहिए, यूपीपीएससी ने उससे कम समय दिया। इसके अलावा दो जून को यूपीएससी की सिविल सेवा की प्रारंभिक परीक्षा और 17 जून को पीसीएस की मुख्य परीक्षा है। इतने कम समय में एक साथ दो परीक्षाओं की तैयारी मुश्किल है।
आयोग ने पीसीएस-2018 की प्रारंभिक परीक्षा में 19096 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया था और इनमें से तकरीबन दो हजार अभ्यर्थियों की मार्कशीट आयोग को सौंपकर परीक्षा तिथि आगे बढ़ाने की मांग की गई। अभ्यर्थियों से ज्ञापन लेते हुए आयोग के मीडिया प्रभारी सुरेंद्र उपाध्याय ने आश्वासन दिया कि उनके प्रत्यावेदन को विचार के लिए आयोग के समक्ष रखा जाएगा। अभ्यर्थियों ने परीक्षा टलवाने के लिए मुख्यमंत्री को भी ज्ञापन और दो हजार मार्कशीट की कॉपियां भेजी हैं। ज्ञापन देने वालों में मोर्चा अध्यक्ष कौशल सिंह, हर्षवर्धन पाठक, बृजेश सिंह, प्रवीन सिंह, हिमांशु राय, धीरज सिंह, सतीश कुमार, सत्यम, अनिल उपाध्याय, चंद्रभूषण सिंह आदि शामिल रहे।
‘आयोग के निर्णय के बाद ही मुख्य परीक्षा का टाइम टेबल जारी किया गया। केंद्र भी फाइनल हो चुके हैं और मुख्य परीक्षा के लिए फॉर्म भरवाए जा चुके हैं। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने भी परीक्षा निर्धारित समय पर कराए जाने के लिए आयोग में प्रत्यावेदन दिए हैं। ऐसे में मुख्य परीक्षा टालने का कोई औचित्य नहीं। परीक्षा समय पर ही कराई जाएगी।’ जगदीश, सचिव, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग