इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के छात्रसंघ उपाध्यक्ष अदिल हमजा के परिसर में प्रवेश पर प्रतिबंध के खिलाफ छात्र नेताओं ने सोमवार को चीफ प्रॉक्टर का घेराव कर प्रदर्शन किया। प्रॉक्टर के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई। इस दौरान छात्रनेताओं ने कुलपति को ज्ञापन सौंपा।
विवि में क्रमिक अनशन, धरना प्रदर्शन, घेराव और अराजकता तथा 11 जून को परिसर में मुख्यमंत्री के पुतले की शव यात्रा निकालकर पुतला दहन के मामले में चीफ प्राक्टर ने 14 जून को उपाध्यक्ष हमजा को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। उनसे 25 जून तक जवाब मांगा गया है। ऐसा न करने पर 15 अगस्त तक परिसर में प्रवेश करने पर प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी गई है। इससे भड़के छात्र नेताओं ने सोमवार को चीफ प्रॉक्टर पहुंचकर प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्र नेताओं और प्रशासनिक अफसरों के बीच झड़प भी हुई। प्रतिबंध से नाराज छात्र नेताओं ने हमजा को विवि में प्रवेश से रोकने के लिए ललकारा। चीफ प्रॉक्टर पर विवि में धार्मिक उन्माद पैदा करने का भी आरोप लगाया।
ज्ञापन में छात्र नेताओं ने विवि में फीस बढ़ोतरी वापस लेने, डेलीगेसियों में मकान मालिकों द्वारा कमरों का मनमाना किराया वसूलने पर लगाम लगाने के लिए रूम रेंट एक्ट लागू करने, विवि में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की मांग की। प्रदर्शन में विवेकानंद पाठक, अखिलेश गुप्ता, विकास तिवारी, अदिल हमजा, चंदन सिंह, विक्रांत सिंह, आनंद सिंह, हरिनाम सिंह, सूरज प्रकाश मिश्रा, अजीत यादव विधायक, प्रशांत समाजसेवी, अंकुश यादव, राहुल पटेल, अंकुर सिंह आदि शामिल थे। चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर राम सेवक दुबे का कहना है कि छात्र धार्मिक उन्माद जैसे आरोप लगा रहे हैं। पुतले की शव यात्रा निकालना, पुतला दहन करना विवि के धर्म में शामिल नहीं है। छात्र धर्म की व्याख्या गलत तरीके से कर रहे हैं और उसे गलत दिशा में ले जा रहे हैं।
इविवि के कुलपति पर कश्मीर और सेना के खिलाफ विवाद बयान देने का आरोप लगाते हुए छात्र संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को एसएसपी से मुलाकात की। इस दौरान छात्र नेताओं ने विवादित बयान से संबंधित सीडी भी सौंपी। छात्र नेताओं ने यह सीडी पुलिस अफसरों की सलाह पर ही एसएसपी को सौंपी है। इस दौरान एसएसपी से कार्रवाई की मांग की गई। छात्र संघर्ष मोर्चा के संयोजक आनंद कुमार सिंह के मुताबिक एसएसपी ने सीडी का अवलोकन करने के बाद कहा है कि इन साक्ष्यों की फारेंसिक जांच के लिए एसपी क्राइम को सौंपा जाएगा। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।