इविवि के हॉस्टलों को पूरी तरह से खाली कराए जाने (वॉश आउट) की प्रस्तावित कार्रवाई के विरोध में छात्र-छात्राएं क्रमिक अनशन पर बैठ गए हैं। सोमवार को उन्होंने कुलपति कार्यालय का घेराव भी किया। उनकी मांग है कि कुलपति लिखित आश्वासन दें कि वॉश आउट की कार्रवाई नहीं की जाएगी लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में विश्वविद्यालय प्रशासन इसके लिए तैयार नहीं है। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, क्रमिक अनशन जारी रहेगा और बीच-बीच में धरना-प्रदर्शन भी होता रहेगा। छात्रों की मांग है कि हॉस्टलों में रेड डाली जाए लेकिन सिर्फ अवैध अंत:वासियों को वहां से हटाया जाए।
छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने न्यायालय में उनका पक्ष नहीं रखा। हॉस्टल में वॉश आउट कराए जाने के मामले एक दिन पूर्व वीसी के हवाले से पीआरओ ने जो बयान दिया, वह दिखावा है। अगर विश्वविद्यालय प्रशासन की हॉस्टलों में वॉश आउट कराए जाने की कोई कार्रवाई प्रस्तावित नहीं है तो वीसी इस बाबत लिखित आश्वासन क्यों नहीं देते? छात्रों के सामने आने से वीसी क्यों कतरा रहे हैं? ऐसे ही तमाम सवालों के साथ सोमवार सुबह छात्र-छात्राएं वीसी दफ्तर के बाहर इकट्ठा हो गए और वीसी से मिलने की मांग पर अड़ गए। प्रॉक्टर रामसेवक दुबे से छात्रों ने कहा कि वीसी से उनकी मुलाकात कराई जाए लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इस दौरान विश्वविद्यालय परिसर का माहौल तनावपूर्ण बना रहा। वहां पुलिस के साथ बड़ी संख्या में आरएएफ और पीएसी के जवानों की तैनाती भी कर दी गई।
वहीं, छात्र भी वीसी दफ्तर के बाहर धरने पर बैठे रहे। बीच-बीच में विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी होती रही। दोपहर दो बजे के आसपास छात्रों ने तय किया कि शाम को छात्रसंघ भवन पर इकट्ठा होंगे और वहां आंदोलन की अगली रणनीति बनाएंगे। शाम को छात्रों बैठक में निर्णय लिया गया कि जब तक वीसी वॉश आउट के मामले में लिखित आश्वासन नहीं देते हैं, उनका क्रमिक अनशन जारी रहेगा। क्रमिक अनशन में छात्रसंघ अध्यक्ष रोहित मिश्र, उपाध्यक्ष अदील हमजा, पूर्व उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह समेत अजीत यादव ‘विधायक’, अक्षय भट्ट, मृत्युंजय सिंह, नीरज प्रताप सिंह, हरिनाम सिंह, उदय प्रताप सिंह, अखिलेश गुप्ता, धीरज गुप्ता आदि शामिल रहे।