जानेमाने कथाकार और आलोचक नीलकांत अपने ही कई विश्वसनीय सहायकों की ठगी का शिकार हो गए हैं। उनके खाते से निजी सहायकों ने ही तकरीबन आठ लाख रुपये उड़ा दिए। झूंसी थाने में इस बावत एफआईआर दर्ज कराई गई है। झूंसी के लीलापुर मोहल्ले में अकेले रह रहे नीलकांत झूंसी स्थित पंजाब नेशनल बैंक शाखा से अपने दो विश्वसनीय सहायकों मुकुल तिवारी और कृष्णा यादव के जरिए खाते का संचालन करते हैं। मुकुल तिवारी पंजाब नेशनल बैंक की झूंसी शाखा में संविदाकर्मी, जबकि कृष्णा यादव उनकी जरूरत के मुताबिक उन्हें मोटरसाइकिल से ले जाता और लाता है।
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‘अमर उजाला’ से बातचीत में तकरीबन 87 वर्षीय नीलकांत ने कहा, मेरा स्वास्थ्य बीते कई महीनों से ठीक नहीं है। पिछले दिनों ही हार्निया का ऑपरेशन हुआ था, तबसे लगातार अस्वस्थ हूं। मानसिक रूप से परेशानी है। याददाश्त भी साथ छोड़ रही है। अस्वस्थता और मानसिक परेशानी का फायदा उठाकर इन दोनों ने मेरे खाते से लगभग आठ लाख रुपए उड़ा दिए। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। साथ उच्चाधिकारियों से भी कार्रवाई की गुहार लगाई है।