इलाहाबाद। हड़ताल पर गए विपणन अधिकारियों ने मार्केटिंग के गोदामों से सरकारी गेहूं एवं चावल की निकासी बिल्कुल बंद कर दी है। इससे कंट्रोल की दुकानें यानी सरकार सस्ते गल्ले की दुकानें खाली पड़ी हैं। विपणन अधिकारियों की हड़ताल से खाद्य सुरक्षा अधिनियम पर संकट मंडराने लगा है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को विरोध स्वरूप कंट्रोल एक्ट 2016 की प्रतियां भी फूंकीं।
विपणन अधिकारियों की मांग है कि उन्हें कंट्रोल एक्ट 2004 की तरह नए कंट्रोल एक्ट में भी प्रवर्तन के अधिकार वापस सौंपे जाएं। इस मांग को लेकर वे हड़ताल पर हैं। इसी के मद्देनजर बृहस्पतिवार को भी मंडल में एफसीआई से सरकारी राशन की लोडिंग बंद रही और मंडल में तकरीबन 300 ट्रक खाली खड़े रहे। हड़ताल की वजह से मार्केटिंग के गोदामों से भी सरकारी राशन की निकासी नहीं की गई, जिसकी वजह से खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों तक गेहूं और चावल नहीं पहुंचा। दिन में सभी विपणन अधिकारी यूपी फूड एंड सिविल सप्लाईज इंस्पेक्टर्स/ऑफीसर्स एसोसिएशन के बैनर तले लूकरगंज स्थित संभागीय खाद्य नियंत्रक कार्यालय में इकट्ठा हुए। उन्होंने धरना-प्रदर्शन किया और कंट्रोल एक्ट 2016 की प्रतियां जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया। इस मौके पर मंडल अध्यक्ष अनिल कुमार साहू, मंडलीय महामंत्री अरविंद कुमार, इलाहाबाद के जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार यादव, प्रतापगढ़ के जिलाध्यक्ष अनिल आजाद, उपाध्यक्ष हरीश दुबे आदि मौजूद रहे।