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25 साल बाद बजी भाप इंजन की सीटी, एक ही स्थान पर घूमे पहिये, यात्रियों ने ली खूब सेल्फी

Sat, 15 Dec 2018 05:27 AM IST
शाहरुख खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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इलाहाबाद जंक्शन पर 25 वर्ष से खड़े भाप इंजन को रेलवे ने संजीवनी दे ही दी। नई पीढ़ी के युवा और कुंभ के दौरान प्रयागराज आने वाले श्रद्धालु रेलवे के अतीत से परिचित हो इसके लिए इस इंजन को रेलवे ने एक बार फिर से चालू किया है। 
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इसे चालू करने के बाद शुक्रवार को जहां एक और भाप इंजन की सीटी यात्रियों को सुनाई दी तो वहीं एक ही स्थान पर इसके पहिये भी चलते  दिखाई दिए। इसकी छुक-छुक की आवाज ने जंक्शन आने वाले हर एक यात्री को अपनी ओर आकर्षित भी किया। इस दौरान तमाम यात्रियों ने इस पुराने इंजन के साथ सेल्फी भी ली।

मंडल के डीआरएम अमिताभ ने कुछ माह पूर्व ही जंक्शन के इंट्री प्वाइंट पर खड़े इंजन को स्टार्ट करवाने की योजना बनाई थी। इसके बाद इंजन रिजर्वेशन काउंटर के बाहर शिफ्ट किया गया। 
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यहां रंगाई पुताई के बाद मंडल के इंजीनियरों की निगरानी में इसकी मरम्मत का कार्य किया गया। इसे स्टार्ट करने के लिए इसमें एक खास मोटर लगाई गई। शुक्रवार को डीआरएम अमिताभ, एडीआरएम अनुराग कुमार गुप्ता, अतुल गुप्ता, नवीन दीक्षित, नीरज यादव, गिरीश कंचन, राजाराम राजपूत आदि अफसरों की मौजूदगी में इंजन स्टार्ट किया गया। 
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इस दौरान नैरोगेज के इंजन से पूर्व की भांति धुआं भी निकला। यहां इंजन के आगे एक सिगनल भी लगाया गया है।  डीआरएम ने बताया कि भाप इंजन 1953 में डब्लू बी वैगनाल लिमिटेड द्वारा बनाया गया था। 

इसका मूल शेड गुजरात का  गोधरा था। 25 फरवरी 1993 में यह इंजन रेल सेवा से बाहर किया गया। एक अप्रैल 2003 को जंक्शन के सिटी साइड में इसे खड़ा किया गया। 

इंजन से जुड़ी अन्य जानकारी
नैरोगेज का इंजन पश्चिम रेलवे के गोधरा में चलता था।
तब 1.61 लाख रुपये कंपनी से रेलवे ने खरीदा था इंजन।
इस इंजन में है कुल 16 पहिये।
1993 के पूर्व वर्ष 1991 में इंजन की हुई थी ओवर हालिंग
72 जेड बी के नाम से प्रचलित था इंजन। कुल लंबाई है 42 फीट।
 
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