फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Allahabad High Court : पीडब्ल्यूडी के जेई को पुरानी पेंशन स्कीम में शामिल करने के आदेश पर रोक

Mon, 03 Oct 2022 07:36 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

यह आदेश चीफ जस्टिस राजेश बिंदल एवं जस्टिस विक्रम जी चौहान की खंडपीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार के लोक निर्माण विभाग की तरफ से दाखिल विशेष अपील पर पारित किया। याची जूनियर इंजीनियर की तैनाती गौतम बुद्ध नगर में है।
विज्ञापन
Prayagraj News : इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इलाहाबाद हाईकोर्ट के दो जजों की स्पेशल अपील बेंच ने  लोक निर्माण विभाग में जूनियर इंजीनियर के पद पर कार्यरत इंजीनियर के पक्ष में पारित एकल न्यायाधीश के आदेश पर रोक लगा दी है जिसके द्वारा याची प्रमोद कुमार शर्मा को पुरानी पेंशन स्कीम के तहत उसका पेंशन बनाए जाने का निर्देश दिया गया था। सिंगल बेंच ने इंजीनियर के पक्ष में आदेश पारित करते समय कहा था कि भले ही उसकी नियुक्ति वर्ष 2009 में हुई हो परंतु उसके चयन की प्रक्रिया वर्ष 2000 की वैकेंसी के तहत नई पेंशन योजना लागू होने के पूर्व पूरी हो चुकी थी।

विज्ञापन



यह आदेश चीफ जस्टिस राजेश बिंदल एवं जस्टिस विक्रम जी चौहान की खंडपीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार के लोक निर्माण विभाग की तरफ से दाखिल विशेष अपील पर पारित किया। याची जूनियर इंजीनियर की तैनाती गौतम बुद्ध नगर में है। उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से अपर मुख्य स्थाई अधिवक्ता रामानंद पांडेय का तर्क था कि 1 अप्रैल 2005 से नई पेंशन स्कीम लागू कर दी गई है।

विज्ञापन

सरकार की तरफ से बहस किया गया की यूपी रिटायरमेंट बेनिफिट रूल्स 1961 के नियम 2 (3) में संशोधित व्यवस्था के अनुसार सेवा में एंट्री ही पेंशन के लिए मुख्य निर्णायक तिथि है। कहा गया कि याची का भले ही चयन पुरानी पेंशन स्कीम लागू होने के समय हो गया हो परंतु उसकी सेवा में एंट्री नई पेंशन योजना लागू होने के पश्चात वर्ष 2009 में हुई है। इस कारण उसे पुरानी पेंशन योजना का लाभ नहीं मिल सकता।
 

याची की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक खरे का तर्क था कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय किया जा चुका है ऐसे में याची पुरानी पेंशन का लाभ पाने का हकदार है। चूंकि एकल जज ने प्रदेश सरकार से याचिका पर जवाब मांगे बगैर याचिका को मंजूर कर याची के पक्ष में आदेश पारित कर दिया था, इस कारण विशेष अपील बेंच ने सरकार को याचिका में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने इस बीच एकल जज के आदेश के अमल पर रोक भी लगा दी है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें