मिर्जापुर राजमार्ग पर उरुवा से मेजारोड के बीच 47 गड्ढे हैं। रात को सफर करने वाले लोग इन गड्ढों की वजह से दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने कई बार तहसील प्रशासन से शिकायत की, लेकिन गड्ढों को भरा नहीं गया।
उरुवा से मेजारोड की दूरी छह किलोमीटर है। इन छह किलोमीटर के अंतराल में हाईवे पर बीचोंबीच 47 गड्ढे हो गए हैं। उरुवा चौराहे पर ग्रामीण अखिलेश गुप्ता के घर के सामने हुए तीन-चार गड्ढे हैं। उनका कहना है कि बाइक गड्ढे में जाने से अक्सर लोग चोटिल हो रहे हैं।
वहीं, लखनपुर, विसहिजन कला और कठौली गांव के सामने हाईवे पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। लखनपुर के राहुल तिवारी ने बताया कि इसकी शिकायत एनएचआई के अभियंताओं से की गई है।
-एक सितंबर को मध्य प्रदेश के रीवा के राघवेंद्र अपनी पत्नी साधना को बाइक को बैठाकर विंध्याचल जा रहे थे। लखनपुर गांव के सामने गड्ढे में बाइक के जाने से दोनों लोग चोटिल हो गए थे।
-11 सितंबर को मिर्जापुर के जिगना के रामशिरोमणि बाइक से प्रयागराज जा रहे थे। उरुवा के समीप गड्ढे की वजह से अनियंत्रित होकर बाइक डिवाइडर से टकरा गए। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
-12 सितंबर की रात लखनपुर गांव के सामने गड्ढे से कार सवार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराए थे। इससे कार सवार दो लोग घायल हो गए थे।
-18 सितंबर की रात विंध्याचल दर्शन कर प्रयागराज लौट रहे दंपती अंजनी और अर्चना दुर्घटना के शिकार हो गए थे। मेजारोड एचडीएफसी बैंक के सामने हुए गड्ढे में बाइक से दंपती गिर गए थे।
-23 सितंबर को सुबह बाइक सवार रामनाथ पटेल गड्ढों की वजह से उरुवा में गिर गए थे। उनको चोट आई थी।
हाईवे पर हुए गड्ढों को ठीक करने के लिए एनएचआई विभाग को पत्र लिखा जाएगा। प्रयास रहेगा कि दो दिन में हाईवे को गड्ढामुक्त करा दिया जाए। -अजीत प्रताप सिंह, एसडीएम मेजा
हाईवे पर गड्ढे होने की जानकारी मिली है। बारिश की वजह से गड्ढे हुए हैं। दो से तीन दिन में गड्ढों की रिपेयरिंग कराकर ठीक करा दिया जाएगा। -मृत्युंजय झा, अधिशासी अभियंता, एनएच-35