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Fraud : ऑनलाइन टास्क से शुरू, बिटकॉइन निवेश पर खत्म, साइबर ठगों ने जालसाजी का ढूंढ़ा नया तरीका

Sun, 28 Jan 2024 02:24 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

साइबर विशेषज्ञ मो. हसन जैदी बताते हैं कि इस तरह के मामलों में सबसे पहले साइबर ठग व्हाट्सएप या टेलीग्राम पर मैसेज भेजकर आपको घर बैठे कमाई का झांसा देते हैं। इसमें रुचि दिखाने पर वह संबंधित व्यक्ति को व्हाट्सएप या टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ लेते हैं।
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Cyber Crime - फोटो : iStock
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विस्तार
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ऑनलाइन टास्क से शुरू और बिटक्वाइन में निवेश पर खत्म। लोगों की मेहनत की कमाई उड़ाने के लिए साइबर ठग अब इसी तरीके का इस्तेमाल कर रहे हैं। वह पहले लोगों को लाइक, शेयर या अन्य कोई ऑनलाइन टास्क पूरा करने पर कमाई का झांसा देकर फंसाते हैं। इसके बाद धीरे-धीरे अपनी बातों के जाल में फंसाकर बिटक्वाइन में मोटी रकम निवेश कराकर रुपये हड़प कर जाते हैं।

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ऐसे बनाते हैं शिकार

साइबर विशेषज्ञ मो. हसन जैदी बताते हैं कि इस तरह के मामलों में सबसे पहले साइबर ठग व्हाट्सएप या टेलीग्राम पर मैसेज भेजकर आपको घर बैठे कमाई का झांसा देते हैं। इसमें रुचि दिखाने पर वह संबंधित व्यक्ति को व्हाट्सएप या टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ लेते हैं। इस ग्रुप में कई अन्य लोग भी होते हैं जो यह बताते हैं कि ऑनलाइन टास्क पूरा करने पर उन्होंने मोटी रकम कमा ली जबकि वह साइबर ठग के ही साथी होते हैं।

इसके बाद वह ऑनलाइन टास्क कराते हैं और टास्क पूरा करने पर रुपये क्रेडिट करने का मैसेज भी भेजते रहते हैं। हर बार टास्क पर रकम बढ़ती जाती है और जब यह रकम बड़ी हो जाती है तो इसके विड्राल के लिए बिटक्वाइन में निवेश की शर्त बताते हैं। इस तरह से वह बिटक्वाइन में मोटी रकम निवेश कराने के बाद संबंधित को टेलीग्राम ग्रुप से निकाल देते हैं और उसके पैसे हड़प कर जाते हैं।

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झांसे में न आएं, ठगी हो तो तुरंत शिकायत दर्ज कराएं

साइबर विशेषज्ञ जैदी बताते हैं कि ऐसे ज्यादातर मामलों में टेलीग्राम के जरिए ही ठगी की जाती है। टेलीग्राम क्लाउड आधारित इंस्टैंट मैसेजिंग एप है जिसका मुख्यालय यूएई में है। पुलिस को टेलीग्राम यूजर से संबंधित जानकारियां प्राप्त करने में कई बार कठिनाई होती हैं। इस प्रक्रिया में काफी वक्त भी लग जाता है। इसके अलावा एक बार बिटक्वाइन या अन्य किस क्रिप्टोकरेंसी में रकम के निवेश हो जाने के बाद इसके संबंध में जानकारी जुटाना भी बेहद मुश्किल होता है, क्योंकि यह कंपनियां भी देश से बाहर की हैं।

सीआरपीसी की धारा 166 ए व बी यह प्रावधान करती है कि किसी मामले में अन्वेषण अधिकारी साक्ष्य एकत्र करने के लिए देश से बाहर स्थित किसी व्यक्ति से दस्तावेज या जानकारी मांग सकता है। हालांकि यहां एक पेंच यह भी है कि यह कानून उन्हीं देशों पर लागू होता है जिनकी भारत से प्रत्यर्पण संधि है। ऐसे में अन्य देशों में स्थित संगठनों से साक्ष्य प्राप्त करना बेहद कठिन हो जाता है।

ऐसे करें बचाव

साइबर थाना प्रभारी राजीव तिवारी बताते हैं कि प्रयागराज में इस तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं। चार-पांच मामलों की जांच साइबर थाना पुलिस भी कर रही है। इससे बचाव के लिए सबसे पहले तो घर बैठे कमाई के झांसों में न आएं। ऑनलाइन टास्क के नाम पर कमाई का ऑफर देने वालों से सावधान रहें। फिर भी यदि ऐसी किसी घटना का शिकार हो जाएं तो सबसे पहले राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। इसके बाद साइबर सेल या साइबर थाने में शिकायत करें।
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केस एक

अल्लापुर निवासी सौरभ पांडेय को ऑनलाइन टास्क का झांसा देकर 15 लाख की चपत लगा दी गई। हर लाइक पर 100 रुपये का झांसा देकर पहले उन्हें साइबर ठगों ने अपनी बातों में फंसाया। फिर बिटक्वाइन में निवेश कराकर रकम हड़प ली गई।

केस दो

अशोक नगर निवासी मंसूर अहमद को टेलीग्राम ग्रुप पर जोड़कर ऑनलाइन कमाई का झांसा दिया गया। फिर पेमेंट विड्राल कराने के बहाने धीरे-धीरे 52 हजार रुपये का निवेश बिटक्वाइन में करा दिया गया। इसके बाद ग्रुप से निकाल दिया गया।

केस तीन

बेनीगंज के कपड़ा व्यापारी विनोद गुप्ता को यूट्यूब पर वीडियो लाइक करने पर कमाई का झांसा दिया गया। इसके बाद बताया गया कि उन्होंने 18 हजार रुपये कमा लिए हैं। इस रकम को पाने के लिए उनसे धीरे-धीरे करके 34 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए गए।
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