एक हजार बच्चों में से एक के अंदर होती है यह समस्या
दो सप्ताह पहले ऑपरेशन की तिथि निर्धारित की गई और पिछले शुक्रवार को प्रो. डॉ. अजय कुमार वर्मा, असिस्टेंट प्रो. डॉ. आनंद कुमार, एनेस्थीसिया टीम व नर्सिंग स्टाफ ने दो घंटे तक कड़ी मेहनत के बाद ऑपरेशन करके कूल्हे को सही स्थान पर स्थापित किया। प्रो. डॉ. आनंद कुमार वर्मा ने बताया कि यह समस्या करीब एक हजार लोगों में एक बच्चे के अंदर पायी जाती है।
शहर में आमतौर पर इस प्रकार के ऑपरेशन नहीं होते हैं, इसके लिए मरीज और उसके परिवार को बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है। लेकिन एसआरएन में यह सफल ऑपरेशन किया गया। बताया कि अगले सप्ताह बच्ची को डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। उसके बाद बीच-बीच में उसकी जांच होगी। जिससे यह पता लग सके कि ऑपरेशन के बाद बच्ची के कूल्हे ठीक से काम कर रहे हैं या नहीं।