मरीज नहीं, दवा ढोने के लिए हैं स्ट्रेचर
पीएमएसएसवाई बिल्डिंग में दारागंज निवासी पिता अपने 14 वर्षीय बेटे को तीसरी मंजिल से नीचे ग्राउंड फ्लोर तक स्ट्रेचर नहीं मिला तो उसे गोद में उठाकर लाया। बेटे के दोनों पैर व हाथ में प्लास्टर बंधा था। बेटे ने बताया कि स्ट्रेचर मांगा गया तो गेट पर चौकीदार ने कहा कि खाली नहीं है। गोद में लेकर चले जाओ। जबकि, इसी दौरान बगल में स्ट्रेचर पर दवाएं ढाई जा रही थीं।
मांगें पूरी होने पर ही हड़ताल समाप्त होगी। ट्रामा व इमरजेंसी सेवाएं चल रही हैं। वहीं, वार्डों में भी रेजिडेंट डॉक्टर ड्यूटी कर रहे हैं। - डॉ.रवि प्रताप सिंह, महासचिव, रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन