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SRN Hospital : हड़ताल के दसवें दिन नहीं चली ओपीडी, जांचें रहीं ठप, भटकने के लिए मजबूर हुए मरीज

Wed, 21 Aug 2024 04:03 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

पीएमएसएसवाई बिल्डिंग में प्रमुख अधीक्षक की ओर से भेजे गए निशुल्क सैंपल ही पैथोलॉजी लैब में लिए गए। ऐसे में पूरे दिन मात्र चार सैंपल लिए गए। वहीं, रजिस्ट्रेशन काउंटर की खिड़की पर गत्ता लगाकर बंद कर दिया गया। सीनियर कंसल्टेंट डेढ़ से दो घंटे अपने चैंबर में बैठे, लेकिन मरीज नहीं आए तो वह उठकर चले गए।
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एसआरएन अस्पताल में प्रदर्शन करते जूनियर डॉक्टर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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स्वरूप रानी अस्पताल में चल रही जूनियर व सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल दसवें दिन भी जारी रही। बुधवार सुबह दूर-दराज से अस्पताल पहुंचे मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ा। आलम यह था कि पूरे दिन एक भी पर्चा नहीं बना। वहीं, सीनियर कंसल्टेंट ने पुराने मरीजों को देखा और वार्डों का राउंड किया। इसके अलावा ओटी व जांचें भी प्रभावित दिखीं। सिर्फ गंभीर मरीजों के ही ऑपरेशन किए गए।

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पीएमएसएसवाई बिल्डिंग में प्रमुख अधीक्षक की ओर से भेजे गए निशुल्क सैंपल ही पैथोलॉजी लैब में लिए गए। ऐसे में पूरे दिन मात्र चार सैंपल लिए गए। वहीं, रजिस्ट्रेशन काउंटर की खिड़की पर गत्ता लगाकर बंद कर दिया गया। सीनियर कंसल्टेंट डेढ़ से दो घंटे अपने चैंबर में बैठे, लेकिन मरीज नहीं आए तो वह उठकर चले गए। सिर्फ कैंसर सर्जरी विभाग में 40 मरीज देखे गए।

डिजिटल एक्सरे में भी गंभीर मरीजों की जांचें की गईं। अमृत फॉर्मेसी के पास स्थित रजिस्ट्रेशन काउंटर के दरवाजे सुबह आठ बजे ही बंद करा दिए गए। वहीं, पुरानी बिल्डिंग में स्थित अल्ट्रासाउंड व डिजिटल एक्सरे की जांचें ठप रहीं। दूर-दराज से आए कई मरीज तो इसी इंतजार में पूरे दिन बैठे रह गए कि शायद अब उन्हें देखा जाएगा। हड़ताल के नौवें दिन मात्र छह ही ऑपरेशन हो चुके। लगातार हडताल चलने से अस्पताल में सुबह से ही सन्नाटा पसरा रहा।

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मरीज नहीं, दवा ढोने के लिए हैं स्ट्रेचर

पीएमएसएसवाई बिल्डिंग में दारागंज निवासी पिता अपने 14 वर्षीय बेटे को तीसरी मंजिल से नीचे ग्राउंड फ्लोर तक स्ट्रेचर नहीं मिला तो उसे गोद में उठाकर लाया। बेटे के दोनों पैर व हाथ में प्लास्टर बंधा था। बेटे ने बताया कि स्ट्रेचर मांगा गया तो गेट पर चौकीदार ने कहा कि खाली नहीं है। गोद में लेकर चले जाओ। जबकि, इसी दौरान बगल में स्ट्रेचर पर दवाएं ढाई जा रही थीं।

मांगें पूरी होने पर ही हड़ताल समाप्त होगी। ट्रामा व इमरजेंसी सेवाएं चल रही हैं। वहीं, वार्डों में भी रेजिडेंट डॉक्टर ड्यूटी कर रहे हैं। - डॉ.रवि प्रताप सिंह, महासचिव, रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन
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