‘मैं घरवालों के लिए कुछ नहीं कर सका’
मृतक के कमरे की तलाशी में एक सुसाइड नोट बरामद हुआ। किताब के एक पन्ने पर यह लिखा गया था। इसमें लिखा था, ‘मेरे घरवालों ने मेरे लिए बहुत कुछ किया। पिता जी ने मेरे लिए बहुत मेहनत की। लेकिन मैं उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका। घरवालों के लिए कुछ नहीं कर पाया। इसलिए यह कदम उठा रहा हूं। मेरी मौत का जिम्मेदार मैं खुद हूं।’
मोबाइल मैकेनिक ने फांसी लगाई
कर्नलगंज के सलोरी में रहने वाले मोबाइल मैकेनिक रामअभिलाष प्रजापति(28) ने फांसी लगाकर जान दे दी। वह सलोरी के कोहराना शुक्ला मार्केट में रहता था। पुलिस के मुताबिक, परिजनों ने बताया कि रोज की तरह रविवार रात भी खाना खाने के बाद घर के सभी लोग सोने चले गए।
कुछ देर बाद कमरे की तरफ गए तो देखा कि रामअभिलाष फंदे पर लटका हुआ है। साड़ी से बनाए फंदे पर लटककर उसने जान दी। उसने ऐसा कदम क्यों उठाया, इस बारे में घरवाले भी कुछ स्पष्ट नहीं बता पाए। कर्नलगंज इंस्पेक्टर ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।