सोरांव सुरक्षित सीट पर हुए मतदान के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि इस बार जाति और धर्म के आधार पर वोट पड़े हैं। यहां किसी भी दल के लिए आसान राह नहीं दिखती है। वर्ष 2012 के मुकाबले सोरांव में इस बार ज्यादा मतदान हुआ है। ज्यादा मतदान को लेकर सपा-कांग्रेस, भाजपा-अपना दल गठबंधन और बसपा आदि के प्रत्याशी अपनी-अपनी जीत का दावा करते नजर आए। इस विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं ने किसे अपना नुमाइंदा चुना यह 11 मार्च को ही साफ होगा। हालांकि मतदान के रुझान से ऐसे संकेत मिलते हैं कि परिणाम अप्रत्याशित हो सकता है।
पिछले चुनाव में सोरांव से कुल 20 प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतरे थे, जबकि इस बार यह संख्या घटकर 14 रह गई। यहां दर्जनों बूथों पर मुस्लिम वोटरों की संख्या सुबह 11 बजे तक ज्यादा नजर आई, लेकिन दिन ढलने के साथ वोटिंग का ट्रेड भी बदलता गया। मऊआइमा की बात करें तो यहां जनता इंटर कालेज में बने दो बूथों में से एक में 579 में से 289 वोटर अपना मतदान 11.30 बजे तक कर चुके थे।
यही स्थिति सराय हरीराम, सम्हई, बलकरनपुर, सांगीपुर, धामापुर आदि क्षेत्रों में बनाए गए पोलिंग स्टेशनों की रही। तमाम स्थानों में शुरूआत में सन्नाटा पसरा रहा, लेकिन दिन चढ़ते-चढ़ते मतदान केंद्रों के बाहर लगे प्रत्याशियों के बस्तों पर भीड़ से लोग अंदाजा लगा रहे थे कि कहां किसका जोर है। कहीं सपा प्रत्याशी सत्यवीर मुन्ना का जोर रहा तो कहीं बसपा प्रत्याशी गीता देवी और अपना दल प्रत्याशी जमुना प्रसाद का रहा। ईवीएम में भाजपा का सिबंल होने से मतदाता खासे कंफ्यूज रहे।
‘पहले मतदान फिर जलपान’ ये अब तक सिर्फ मतदान प्रचार करने वालों के मुंह से ही सुना जाता था। बृहस्पतिवार को तमाम महिलाओं ने इस स्लोगन को सच कर दिखाया। सोरांव विधानसभा क्षेत्र के मऊआइमा, धामापुर, बांका जलालपुर आदि इलाकों में बने पोलिंग स्टेेशन पर तमाम महिलाएं ऐसी रहीं जो घरा का चूल्हा-चौका छोड़कर पहले मतदान करने के लिए संबंधित पोलिंग स्टेशनों पर पहुंच गईं। इन्होंने कहा कि ये लोकतंत्र का पर्व है। इसमें हर किसी को अपना वोट पहले देना चाहिए।
निर्वाचन आयोग की तरफ से सोरांव में भी कई पोलिंग स्टेशनों का आदर्श बूथ बनाया गया था। प्राथमिक विद्यालय भावापुर पोलिंग स्टेशन को आदर्श बूथ बनाया गया था। बूथ को बाहर से अंदर तक रंगीन गुब्बारों से सजाया गया था। बाहर पेयजल की भी व्यवस्था थी। इस दौरान तमाम महिलाओं के साथ उनके छोटे बच्चे भी पोलिंग स्टेशनों तक पहुंचे। यहां गुब्बारे देख बच्चों का मन मचल गया। कुछ बच्चे वहां से गुब्बारे लेकर चलते बने। इन बच्चों को देखकर वहां खड़े लोग खुद को मुस्कराने से नहीं रोक सके।
जिले की तमाम सीटों की तरह सोरांव विधानसभा क्षेत्र में भी तमाम मतदाताओं की यही शिकायत रही कि उनका नाम वोटिंग लिस्ट में तो है लेकिन बीएलओ ने मतदाता पर्ची उनतक नहीं पहुंचाई। प्राथमिक विद्यालय बलकरनपुर में मत देकर निकले दो मतदाताओं ने बताया कि उन्हें मतदान करने में एक घंटे से ज्यादा का वक्त लग गया। वजह पूछने पर बताया कि उन्हें बीएलओ ने पर्ची नहीं दी थी। मतदान केंद्र में आकर देखा गया तो सूची में उनका नाम था। इसमें काफी वक्त लग गया। पहचान पत्र दिखाने के उन्हें मतदान की अनुमति मिली।
लोकतंत्र के सबसे बड़े उत्सव पर सोरांव विधानसभा सीट का अलग ही नजारा रहा। सुबह गुलाबी ठंड की वजह से इस विधानसभा सीट के तमाम मतदान केंद्रों में गिनती भर के ही लोग रहे। लेकिन दिन चटख धूप आने के बाद मतदान केंद्रों पर लोगों की कतारें लगनी शुरू हो गई। सुबह दस बजे के बाद इस विधानसभा के तमाम पोलिंग स्टेशनों पर ‘मतदान एक्सप्रेस’ ने अपनी स्पीड पकड़ ली थी।
सुबह 10.30 बजे के आसपास सोरांव विधानसभा के प्राथमिक विद्यालय धामपुर जिसे आदर्श बूथ बनाया गया था वहां लंबी लाइन लगी हुई थी। इस बीच सेक्टर मजिस्ट्रेट के पहुंचते ही वहां तैनात सुरक्षाकर्मी पहले से ज्यादा एक्टिव हो गए। कुछ देर रुकने के बाद सेक्टर मजिस्ट्रेट दूसरे पोलिंग स्टेशन की ओर चले गए। इस विधानसभा से चंद किलोमीटर दूर धामापुर स्थित प्राथमिक विद्यालय में लाइन कुछ ज्यादा ही रही। यहां जब अमर उजाला टीम पहुंची तो घड़ी की सुई ने 11 बज चुके थे। यहां एक बूथ में 857 में 347 मतदाता तब तक अपने मत का प्रयोग कर चुके थे।
दोपहर 11.30 बजे के आसपास मऊआइमा स्थित जनता इंटर कालेज की बात करें तो यहां काफी संख्या में मुस्लिम महिलाएं मतदान के लिए लाइन में लगी थी। इसी बीच वहां संबंधित विधानसभा के प्रेक्षक अपने लाव लश्कर के साथ पहुंचते हैं। यहां बने सभी बूथों का निरीक्षण करने के साथ उन्होंने पीठासीन अधिकारी से मत प्रतिशत के आंकड़े लिए। यहां 12 बजे तक एक बूथ में 1217 में से 330 एवं दूसरे बूथ में 579 मेें से 289 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर चुके थे।
सोरांव के बलकरनपुर इलाके में ‘मतदान एक्सप्रेस’ की चाल अच्छी पाई गई। यहां दिन में डेढ़ बजे के आसपास 968 में 503 मत पड़ चुके थे। इस विधानसभा के पटेलनगर, होलागढ़ समेत कई अन्य इलाकों में दिन में दो बजे तक 50 फीसदी तक का मतदान हो गया था। हालांकि तीन बजे के बाद मतदान की स्पीड धीमी पड़ गई। कई बूथों पर महज दो से छह मतदाता तक ही दिखाई दिए।