बेटा ही निकला कातिल, पुलिस खोज रही थी चंदा मांगने वाले युवकों को
करेली के भावापुर में सुभद्रा देवी की हत्या उसके बेटे सचिन पाल ने ही की थी। वह घर से कुछ दूरी पर फोटोस्टेट की दुकान चलाता है। हत्या के खुलासे के लिए पांच टीमें बनाई गई थीं। परिजनों से पूछताछ के आधार पुलिस कुछ दिन से मुहल्ले में चंदा मांगने के लिए घूम रहे युवकों को खोज रही थी। कुछ युवकों पुलिस ने हिरासत में भी लिया था, लेकिन घटना का खुलासा जब हुआ तो सभी हैरान रह गए।
छह लाख उधार, 2.5 लाख शेयर में गंवाए थे
पुलिस के मुताबिक, सचिन ने पूछताछ में बताया कि घटना के दिन वह खाना खाने के बाद घर पर आराम कर रहा था। पिताजी काम के सिलसिले में बाहर गए थे। हाईकोर्ट के पास उसकी फोटो स्टेट की दुकान है और वह सादे पेपर का बिजनेस करता है। वह कमरे में आराम कर रहा था तभी मां से काम पर जाने की बात को लेकर विवाद हो गया। इस पर मां ने उसे थप्पड़ मार दिए।
इसी से आक्रोशित होकर उसने कमरे में ही रखे लोहे के मूसल से मां के सिर पर कई बार वार कर दिया। इससे वह लहूलुहान हो गईं और कुछ देर बाद उनकी मौत हो गई। उसने व्यापार के लिए 6.50 लाख रुपये उधार लिए थे और करीब 2.50 लाख रुपये शेयर मार्केट में गंवाए थे। मां की हत्या के बाद उसने जानबूझकर कमरे का सारा सामान फैला दिया जिससे यह लगे कि लूट करके हत्या की गई है। इसके बाद वह दुकान जाने के बहाने निकला और हाईकोर्ट के पास घटना में प्रयुक्त मूसल को चुपके से ले जाकर झाड़ियों में फेंक दिया।
मां की हत्या करने वाले बेटे सचिन पाल को पुलिस ने मीडिया के सामने किया पेश।
- फोटो : अमर उजाला।
पुलिस को गुमराह करता रहा सचिन
वारदात की सूचना पर पुलिस के घर पहुंचने पर सचिन ने बताया कि रोज की तरह सुबह साढ़े नौ बजे पिता दुकान चले गए। 12.30 बजे वह भी दुकान चला गया। इस दौरान मां घर पर अकेली थी। शाम छह बजे जब वह घर वापस आया तो मेन गेट बंद तो था, लेकिन भीतर से कुंडी नहीं लगी थी। वह जैसे ही अंदर गया उसकी चीख निकल गई। मां बिस्तर पर खून से लथपथ पड़ी थी और सारा सामान बिखरा हुआ था। उसने शोर मचाया तो आसपास के लोग जुट गए और फिर जानकारी पाकर पुलिस पहुंच गई।
मौके पर ही मौजूद था कातिल, खोजी कुत्ता नहीं पकड़ पाया
सुभद्रा की हत्या की सूचना पर पुलिस पहुंच गई। फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड की टीम ने भी पहुंचकर छानबीन की। पुलिस का खोजी कुत्ता घर अंदर गया। सभी कमरों में घूमते हुए वह बाहर भी आसपास सूंघता रहा, लेकिन कातिल वहीं मौके पर मौजूद था। खोजी कुत्ता कातिल की पहचान नहीं कर सका।
आरोपी ने घटना में संलिप्तता की बात स्वीकार की है, जिसपर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। साथ ही न्यायालय की अनुमति से जेल भी भेज दिया गया है। मामले में दो कथित मीडियाकर्मियों के नाम आए हैं जिनके बारे में आरोपी ने जानकारी दी है कि उन्होंने ही उसे लूटपाट का आइडिया दिया था। उनकी भूमिका की जांच कराई जा रही है। - दीपक भूकर, डीसीपी नगर