श्री बड़े हनुमान मंदिर कॉरिडोर का प्रस्तावित मानचित्र।
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बनेंगे छह द्वार, अक्षयवट मार्ग से प्रवेश
श्री बड़े हनुमान मंदिर में छह द्वार बनाए जाएंगे। अभी बांध से उतरते ही श्रद्धालु मंदिर में प्रवेश कर जाते हैं, लेकिन कॉरिडोर बनने के बाद यह निकास द्वार होगा और बांध से उतरने वाली सड़क सीढ़ीदार बनाई जाएगी। यह सीढ़ी दर्शन करके लाैटने वालों के लिए होगी। इसी के बगल में एक और निकास द्वार होगा, जो शंकर विमान मंडपम वाले रास्ते पर खुलेगा। प्रवेश की व्यवस्था अक्षयवट मार्ग की ओर से होगी। श्रद्धालुओं को त्रिवेणी बांध से उतरकर अक्षयवट मार्ग पर जाना होगा। मंदिर के पूर्व दिशा में तीन और द्वार होंगे।
बनाई जाएगी करीब 40 दुकानें
पूजा सामग्री और प्रसाद वितरण के लिए करीब 40 दुकानों का निर्माण कराया जाएगा। यह दुकानें कॉरिडोर की बाउंड्री पर होगी। अभी प्रसाद की दुकानें मंदिर के पश्चिम में किला की दीवार से लगकर बनी हैं। वहां से दुकानें हटाई जाएंगी। किला की दीवार से लगे हुए निर्माण तोड़कर वहां पर नियंत्रण कक्ष और मंदिर के महंत के लिए कमरे बनाए जाएंगे। मंदिर के गर्भगृह को छोड़कर अन्य कार्य पहले चरण में दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। गर्भगृह का निर्माण वर्तमान मंदिर स्थल पर ही महाकुंभ के बाद कराया जाएगा। मंदिर परिसर में परिक्रमा की पर्याप्त जगह होगी।
कमेटी का मामला लंबित
पीडीए की योजना थी कि कॉरिडोर का निर्माण कराने के बाद मंदिर संचालन की कमेटी बनाई जाएगी। वह कमेटी कॉरिडोर की मरम्मत, मंदिर की सुरक्षा और दुकानों के आवंटन का काम देखेगी। लेकिन इसे लेकर विवाद हो गया। इसलिए पीडीए ने कमेटी के मामला को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। अधिकारियों ने बताया कि निर्माण के बाद कमेटी के गठन पर काम होगा।