2023 में हमने प्रभावी ऑपरेशनल योजना बनाई। इसके फलस्वरूप हाईरिस्क ऑपरेशन में आतंकवादियों की रियल टाइम ट्रैकिंग की गई। इस दौरान 186 आतंकवादियों को हमारे वीर जवानों ने मार गिराया। काउंटर टेरर ऑपरेशन के सभी आयामों में हमारे सैनिकों द्वारा प्रदर्शित उच्चतम प्रोफेशनलिज्म अपनाते हुए खतरे को सीमित कर दिया। उत्तरी कमान के अंतर्गत जम्मू-कश्मीर, लद्दाख क्षेत्र देश के भौगोलिक और सामरिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण हैं।
विरोधियों की ओर से चलाई जा रही मुहिम, देश के लिए एक बड़ी चुनौती है। उसका मुंहतोड़ जवाब देने के लिए उत्तरी कमान हमेशा तैयार है। उन्होंने ऑपरेशन रक्षक, ऑपरेशन मेघदूत और ऑपरेशन स्नो लेपार्ड में जवानों के साहसिक प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने केंद्र सरकार ओर से सैनिकों के लिए अत्याधुनिक हथियार, उपकरण व स्पेशल कपड़े उपलब्ध करवाएं जा रहे हैं। कहा, स्वदेशीकरण के माध्यम से आधुनिकीकरण हमारा मंत्र है।
वीरता के लिए दिए 45 सेना मेडल, 64 यूनिटों को दिया प्रशस्ति पत्र
कार्यक्रम की शुरुआत में लेफ्टिनेंट जनरल एम वी सुचिंद्र कुमार ने भारतीय सेना के अधिकारियों, सैनिकों को उनके निश्वार्थ कर्तव्य परायणता से परे उनकी बहादुरी के लिए वीरता और विशिष्ट सेवा पुरस्कारों से सम्मानित किया। यूनिटों को राष्ट्र की विशिष्ट सेवा, बहादुरी, अद्वितीय उपलब्धियों के लिए जीओसी-आईएन-सी यूनिट प्रशंसा पत्र भी प्रदान किए। वीरता के लिए 45 सेना मेडल, विशिष्ट सेवा के लिए तीन सेना मेडल, एक युद्ध सेवा मेडल और नौ विशिष्ट सेवा मेडल सहित 58 पुरस्कार विजेताओं को मेडल प्रदान किए। 64 यूनिटों को यूनिट प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया।
इस कार्यक्रम के दौरान प्रत्येक वीर सैनिक की अदम्य वीरता और अटूट साहस के बारे में बताया गया। उत्तरी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ़ ने पुरस्कार विजेता सेवाकर्मियों को उनके कर्तव्यों के पालन में भरपूर समर्थन देने के लिए उनकी परिवार के सभी सदस्यों के योगदान को सराहा।
अफसरों और जवानों संग खिंचवाई ग्रुप फोटो
प्रयागराज सैन्य स्टेशन पर पहली बार आयोजित अलंकरण समारोह में अफसरों और जवानों को सम्मानित करने के बाद लेफ्टिनेंट जनरल एम वी सुचिंद्र कुमार ने सभी के साथ ग्रुप फोटो भी खिंचवाई। इस दौरान वह भूतपूर्व सैनिकों एवं उनके परिवार के सदस्यों के साथ भी मिले। जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ़ से सम्मानित होने वालों में पांच यूपी के न्यू कैंट स्थित ऑडिटोरियम में जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ से सम्मानित होने वाले में पांच अफसर यूपी के भी रहे।
इसमें ब्रिगेडियर राकेश पचौरा, बिग्रेडियर अंकुर बंगा, मेजर आयुष चौहान, मेजर विकास गिरि एवं लेफ्टिनेंट कर्नल रजनीश प्रताप सिंह शामिल रहे। इसके पूर्व कार्यक्रम की शुरुआत में उत्तरी कमान पर आधारित एक शॉर्ट वीडियो भी दिखाया गया। बाद में 1962 में भारत-चीन युद्ध में लद्दाख में 120 भारतीय जवानों द्वारा 1300 चीनी सैनिकों को मारे जाने का भी वीडियो दिखाया गया।
इन्हें मिला सेना मेडल
लेफ्टिनेंट कर्नल विजेंद्र शर्मा, लेफ्टिनेंट कर्नल नीरज शर्मा, लेफ्टिनेंट कर्नल रजनीश प्रताप सिंह, मेजर नितिन कुमार सिंह, मेजर विकास गिरि, मेजर भावुक शर्मा, मेजर प्रवीन यादव, मेजर नवदीप गोस्वामी, मेजर कृष्णा नायर, मेजर रंजीत कुमार, मेजर ऋषभ कुमार नैशनी, मेजर धूमल रोहन शाह जी, मेजर जयवीर यादव, मेजर ठाकरे आकाश अशोक, मेजर विकास लांबा, मेजर पंकज कुमार, मेजर आयुष चौहान, मेजर चेतन सिंह, नायाब सुबेदार सुरेंद्र सिंह, डीएफआर सुरजीत मैती, हवलदार अंग्रेज सिंह, हवलदार संजय कुमार, हवलदार मनोज कुमार, हवलदार अरुण कुमार, हवलदार फारुख अहमद मीर, नायब फारुख अहमद नीर, नायब रफीक अहमद मीर, नायब भूषण कुमार, नायब सुमित ठाकुर, नायब हरजिंदर सिंह, नायब महेश चंद्र जाट, लांस नायक रमेश कुमार, गनर मनी सिंह, लांस नायक अभिषेक, राइफल मैन सुनील शर्मा, सिपाही आशीष कुमार, सिपाही प्रवीन शर्मा, सिपाही धर्मेद्र सिंह, एसपीआर अनिल कुमार, गनर संजय सिंह राजपूत, सिपाही धन सिंह गुज्जर, सिपाही विकास, राइफल मैन शहीन हुसैन गनी, सैपर विशाल यादव, ग्रेनेडियर सलीम खान।
इन्हें मिला विशिष्ट सेवा सेना मेडल
मेजर जनरल मदन राज पांडेय, बिग्रेडियर विशाल रंजन, कर्नल अमरेश्वर सिंह
इन्हें मिला विशिष्ट सेवा मेडल
मेजर जनरल अजय कुमार, बिग्रेडियर मनोज दत्ताराय जोशी, बिग्रेडियर आशीष नेगी, ब्रिगेडियर संजीव चहल, बिग्रेडियर राकेश पचौरा, बिग्रेडियर अंकुर बांगा, कर्नल संदीप अरविंद पेंडसे, कर्नल सरफराज सिंह, कर्नल रेनूका हारने