फरवरी में दर्ज हुआ था केस
फरवरी में एसटीएफ प्रयागराज की ओर से नैनी थाने में इस संबंध में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। आरोप है कि 1984 से 2017 तक कुल 69 पदों पर असिस्टेंट प्राेफेसर, प्रोफेसर व एसोसिएट प्रोफेसर के पदों पर मानक के विपरीत नियुक्तियां की गईं। इसमें तमाम मानकों को ताक पर रखकर चहेतों की नियुक्ति कर ली गई।
इनकी तलाश जारी
डॉ. राजेन्द्र बिहारी लाल 2- डॉ. जेए ओलिवर 3. डॉ. अजय कुमार लॉरेंस 4. डॉ. सुनील बी लाल 5. डॉ. बिनोद बिहारी लाल 6.डॉ. स्टीफेन दास 7. डॉ. मोहम्मद इम्तियाज 8. रंजन ए जाॅन व अन्य
दूसरे मामले में भी बनवाया रिमांड
उधर प्रति कुलपति व सहायक वित्त नियंत्रक दोनों का नैनी थाने में दर्ज दूसरे मुकदमे में भी रिमांड बनवाया गया है। यह मुकदमा शासन की ओर से अनुदान के रूप में दिए गए 5.56 करोड़ रुपये के भुगतान में अनियमितता के आरोप से संबंधित है। विवेचक नैनी इंस्पेक्टर बृजेश सिंह ने बताया कि डॉ. सर्वजीत हर्बट व अशोक संदीप सिंह का रिमांड बनवा लिया गया है। शेष अभियुक्त आरबी लाल, जेए ओलिवर, अजय कुमार लॉरेंस, सुनील बी लाल, बिनोद बिहारी लाल, स्टीफेन दास, मोहम्मद इम्तियाज रंजन ए जाॅन वांछित हैं। इनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं ।