अरबों का घोटला करने वाले शाइन सिटी कंपनी के निदेशकों, कर्मचारियों पर मेहरबानी सिविल लाइंस थाने के पूर्व और कोरांव थाने के मौजूदा प्रभारी इंस्पेक्टर रविंद्र प्रताप सिंह को भारी पड़ी। आरोपियों पर सिविल लाइंस थाने में दर्ज केस में लापरवाही पर उन्हें सस्पेंड कर दिया गया। इसके साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश दे दिए गए हैं। उधर मुकदमे के तत्कालीन विवेचक एसआई राजेश कुमार सिंह पर भी गाज गिरना तय है। उनके निलंबन के संबंध में रिपोर्ट एसपी जीआरपी को भेज दी गई है।
देश भर में धोखाधड़ी करने वाले शाइन सिटी कंपनी के निदेशक व कर्मचारियों ने जनपद में भी हजारों लोगों को चूना लगाया। इनकी धोखाधड़ी का शिकार हुए करीब डेढ़ दर्जन लोगों ने पिछले साल सिविल लाइंस थाने में निदेशक राशिद नसीम व उसके मददगारों आसिफ नफीस, जसीम खां, नीरज श्रीवास्तव व जावेद इकबाल पर नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। बाद में मामला क्राइम ब्रांच और फिर आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) को ट्रांसफर हो गया।
आरोप है कि राशिद नसीम तो दुबई भाग गए लेकिन अन्य आरोपियों को भी सिविल लाइंस पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी। बार-बार निर्देशित किए जाने के बावजूद उनकी गिरफ्तारी को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई। आखिरकार वह फरार हो गए जिनमें मौजूदा समय में एक लाख का इनामी नैनी का जसीम भी शामिल है। मामले में बरती गई लापरवाही के संबंध में शिकायतें आला अफसरों तक भी पहुंचीं जिस पर जांच कराई गई।