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राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान बोले : गंगा को स्वच्छ रखना सरकार की ही नहीं, समाज की भी जिम्मेदारी

Sat, 23 Oct 2021 09:54 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला ब्यूरो , प्रयागराज
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Prayagraj News : एनसीजेडसीसी में यंग लॉयर एसोसिएशन के कार्यक्रम में मौजूद केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान। - फोटो : प्रयागराज
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पतित पावनी गंगा की दशा वर्तमान में चिंतनीय है। गंगा को स्वच्छ, अविरल और निर्मल बनाए जाने के लिए प्रयास तो बहुत किए गए परंतु गंगा अविरल नही हो सकीं। सरकारी कार्यक्रम भी बनाए गए, ढेर सारी घोषणाएं भी हुईं, लेकिन आज भी गंगा की अविरलता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। ये बातें केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने शनिवार को यंग लॉयर्स एसोसिएशन हाईकोर्ट इलाहाबाद की ओर से उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र में मोक्षदायिनी मां गंगा की अविरल एवं निर्मल धारा व इसकी संरक्षा विषय पर आयोजित संगोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि कहीं।

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उन्होंने कहा कि जिस तरह से मां गंगा आज दूषित हैं, उसके पीछे सबसे बड़े कारण हम सभी हैं। हमने गंगा को महज नदी समझा और इसके जल का अत्यधिक दोहन भी किया। आज तक हम गंगा में प्रदूषण को ही समाहित करते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह जानकर आश्चर्य होगा कि दक्षिण भारत में गंगा नदी नहीं है, लेकिन वहां के लोगों की संस्कृति, साहित्य, शिक्षा और मनोभाव में मां गंगा के प्रति पवित्रता उतनी ही है, जितनी प्रयागराज के संगम की है। हम सभी को मानवीय दृष्टिकोण से सोच कर यह प्रयास करना होगा कि गंगा स्वच्छ और साफ रहे और प्रदूषित न हो। इसकी जिम्मेदारी गंगा नदी के तटवर्ती क्षेत्रों में बसे देश के लगभग चालीस करोड़ लोगों पर है। 

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Prayagraj News : एनसीजेडसीसी में यंग लॉयर एसोसिएशन के कार्यक्रम में मौजूद केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान। - फोटो : प्रयागराज
गंगा सफाई में 900 करोड़ खर्च फिर भी नहीं बदली दशा
संगोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व न्यायमूर्ति और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के सदस्य न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल ने कहा कि गंगा में 1970 के बाद से 1990 तक स्वच्छता के नाम पर करीब 900 करोड़ रुपए खर्च हो गए, लेकिन गंगा आज भी वैसी की वैसी हैं। गंगा के नाम पर स्वीकृत हुए धन का दोहन किया जा रहा है। जिन्होंने किया आश्चर्य है कि न उनमें कोई जेल भेजा गया, न कोई बर्खास्त किया गया न किसी की जिम्मेदारी तय की गई और न ही किसी से धन की वसूली हुई।

इस मौके पर विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ अधिवक्ता और एल्डर कमेटी के सदस्य नरेश चंद्र राजवंशी ने भी गंगा पर अपने विचार रखे। अतिथियों का स्वागत यंग लॉयर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संतोष कुमार त्रिपाठी ने किया। धन्यवाद ज्ञापन महासचिव जेबी सिंह ने किया, जबकि संचालन वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. संतोष जैन ने किया। यंग लॉयर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष भानु देव पांडेय, आरपी तिवारी, आरपी सिन्हा, मनोज निगम, अनिल बाबू, दिनेश कुमार मिश्र, आरके जायसवाल आदि का कार्यक्रम में सहयोग रहा।
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