अल्लाह के नबी ने भी की इबादत
रमजान का हर दिन-हर रात अफजल है। लेकिन शबे कद्र की रात हजार महीनों की इबादत से ज्यादा अफजल है। अल्लाह ने अपनी अजीम किताब कुरआन पाक में इस रात की फजीलत को बयान किया है और इस रात के नाम से सूरह कद्र को भी नाजिल किया है। इस रात में रहमत की बारिश होती है, गुनाहों की बख्शिश होती है और सारी बलाएं दूर होती हैं। इस रात में खुद अल्लाह के नबी हजरत मोहम्मद साहब ने भी खूब इबादतें की हैं। यह रात इसलिए सबसे अहम है क्योंकि इसी रात में अल्लाह ने कुरआन पाक को जमीन पर नाजिल किया है। - मौलाना नादिर हुसैन, मदरसा मुनव्वरिया बशीरुल उलूम