पीएम नरेंद्र मोदी की मन की बात में शामिल प्रयागराज और बहरिया विकास खंड स्वयंसहायता समूह की स्वावलंबी महिलाएं रविवार को अचानक देश भर में छा गईं। झिझक तोड़कर घर की चौखट से बाहर निकलकर ये मेहनती महिलाएं चूल्हा, चौका से इतर अब परिवार का सहारा बनी है। उनके समूह की ओर से चप्पल बनाने का काम उनकी आर्थिक उन्नति का कारण बना है। अब फूलपुर के कादीपुर स्वयं सहायता समूह की ये महिलाएं देश के लिए मिसाल बनी हैं।
राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत समूह अध्यक्ष पल्लवी परमार ने ब्लाक के गांवों में रहने वाली महिलाओं की आर्थिक उन्नति का बीड़ा उठाया। ज्वाला प्रेरणा महिला ग्राम संगठन का गठन कर जिला प्रशासन को पत्र दिया। इस समूह को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत सहायता उपलब्ध कराई गई। यह स्वयं सहायता समूह ग्रामीण परिवेश से जुड़ी महिलाओं के लिए प्रेरणा बना है।
अफसरों के मुताबिक कादीपुर के इस महिला स्वयं सहायता समूह ने चप्पल बनाने का प्रस्ताव दिया। अध्यक्ष पल्लवी ने गांवों की महिलाओं को समूह से जोड़ा। पहले एक फिर दो अब दस से 15 महिलाएं समूह से जुड़ी हैं। घूंघट की ओट और घरेलू कार्यों से इतर महिलाओं को प्रशिक्षण देकर हुनरमंद बनाया गया। दिल्ली से चप्पल बनाने की मशीन मंगाई गई। फिर शुरू हुआ सफलता की नई इबारत लिखने का सिलिसिला। वर्तमान में चप्पल बनाने से उनकी बिक्री तक का यह सफर अब ग्रामीण परिवेश से जुड़ी महिलाओं के आर्थिक तरक्की का कारण बना है।
पीएम मोदी ने मन की बात में इस समूह में शामिल महिलाओं का जिक्र कर उनके जज्बे के बारे में बताया। थोड़े ही समय में इसके बारे में जानकारी जुटाई जाने लगी। जानकारी के मुताबिक इस स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं मशीन पर काम ही नहीं करतीं। चप्पलों की कटिंग, फिनिशिंग और पैंकिंग के बाद उसकी बिक्री तक की व्यवस्था देखती हैं। यहां बनाई जा रही चप्पलों की खपत ब्लाक स्तर पर ही हो जा रही है। समूह से जुड़ी महिलाएं अपनी इस उपलब्धि से संतुष्ट हैं। इससे प्रयागराज का पूरे देश में मान बढ़ा है।
कादीपुर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने देश भर में प्रयागराज का मान बढ़ाया है। उनकी मेहनत और लगन को देखकर ग्रामीण परिवेश से जुड़ी महिलाओं की प्रगति की राह आसान होगी। जिला प्रशासन स्वयं सहायता समूह से जुड़ी ऐसी महिलाओं की मदद के लिए हमेशा तैयार है, जो स्वावलंबी बनकर मिसाल कायम करना चाहती हैं। 0 भानु चंद्र गोस्वामी, जिलाधिकारी