छात्रों की ओर से इससे पूर्व छात्रावास खाली करने के खिलाफ कैंडल मार्च के साथ डीएसडब्ल्यू, जिलाधिकारी और एसएसपी को पत्र लिखकर छात्रावास खाली नहीं करने की मांग की जा चुकी है। विवि एवं जिला प्रशासन की ओर से अपने पक्ष में कोई सहानुभूति नहीं देख बड़ी संख्या में छात्रों ने छात्रावास खाली करने समय सीमा खत्म होने के साथ अपने सामान समेट हॉस्टल खाली कर दिया। उधर, चीफ प्रॉक्टर एवं डीएसडब्ल्यू ने जिला प्रशासन से सभी छात्रावासों पर पुलिस तैनात करने की मांग की है। इस बार हॉस्टल वॉशआउट के लिए कोई कार्यक्रम निर्धारित नहीं किया है।
विवि की ओर से तय समय सीमा खत्म होने के अंतिम दिन सर सुंदरलाल छात्रावास से 36 कमरे, डायमंड जुबली छात्रावास से पांच, पीसी बनर्जी छात्रावास से 86, जीएन झा छात्रावास से पांच, एस राधाकृष्णन छात्रावास से 30, केपीयूसी छात्रावास से 26 एवं हिंदू छात्रावास मेें 100 कक्ष खाली हुए। इस प्रकार कुल मिलाकर पुरुष छात्रावास से कुल 388 कक्ष खाली हो चुके हैं।
महिला छात्रावास में छात्र नेताओं के विरोध के बीच शनिवार को सरोजिनी नायडू छात्रावास से 75, प्रियदर्शनी छात्रावास से 175, हॉल आफ रेजिडेंस से 20, महादेवी वर्मा छात्रावास से 40, शताब्दी गर्ल्स छात्रावास से 23, कल्पना चावला छात्रावास से 22 कक्ष खाली हुए। इस प्रकार कुल मिलाकर महिला छात्रावासों से 255 कक्ष खाली हो गए।
चीफ प्रॉक्टर प्रो. राम सेवक दुबे का कहना है कि 25 मई तक जो छात्रावास खाली नहीं होंगे, वहां पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर कार्रवाई की जाएगी और हॉस्टल खाली कराए जाएंगे। उधर, छात्रों को भी नोटिस जारी कर कहा गया है कि अगर वे स्वेच्छा से छात्रावास खाली नहीं करते हैं, छात्रावास का कोई सामान बलपूर्वक बाहर ले जाते हैं, हॉस्टल के अधीक्षक या कर्मचारियों से अभद्रता करते हैं तो उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में छात्रावास की सुविधा से हमेशा के लिए वंचित कर दिया जाएगा। चीफ प्रॉक्टर ने छात्र-छात्राओं से कहा कि अगर वे किसी लोक सेवा आयोग की मुख्य परीक्षा में शामिल होने जा रहे हैं, तभी उन्हें समर हॉस्टल दिए जाएंगे। वे अपना प्रत्यावेदन जमा कर दें, जांच के बाद निर्णय लिया जाएगा।