prayagraj news : सावन के तीसरे सोमवार को हनुमत निकेतन स्थित शिवालय में दर्शन पूजन करते भक्त।
- फोटो : prayagraj
सावन के तीसरे सोमवार पर संगमनगरी की सड़कें आस्था का पथ बन गईं। शिव मंदिरों को जाने वाले रास्तों पर दिन भर कतारें लगी रहीं। भक्तों के भाव के आगे कोविड प्रोटोकॉल ध्वस्त हो गया। इस दौरान कहीं मंत्रोच्चार के साथ रुद्राभिषेक होता रहा तो कहीं जलाभिषेक कर भक्त निहाल होते रहे। व्रत रखकर भक्तों ने संगम के अलावा गंगा के घाटों पर श्रद्धालुओं ने पुण्य की डुबकी भी लगाई।
सावन मास के तीसरे सोमवार पर संगम नगरी शिवमय हो गई। बाढ़ के बावजूद गेरुआ वस्त्र में कांवड़िये भी बोलबम का जयकार लगाते हुए संगम पहुंचते रहे। संगम से शिवालयों तक हर तरफ भगवान शिव के जयकारों की गूंज सुनाई देती रही। भोर से देर शाम तक शिवालयों में जलाभिषेक आरंभ हो गया। यमुना तट स्थित मनकामेश्वर महादेव मंदिर में चार बजे भोर में ही भक्तों की कतार लग गई। सेेना के गेट से लेकर मंदिर तक महिलाओं और पुरुषों की अलग-अलग कतारें लग गईं।
prayagraj news : सावन के तीसरे सोमवार को हनुमत निकेतन स्थित शिवालय में दर्शन पूजन करते भक्त।
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अधिकतर लोग बिना मास्क के ही धक्कामुक्की करते मंदिर पहुंच रहे थे। हाथों में जल लिए भक्त अपनी बारी के इंतजार में कतारबद्ध होकर आगे बढ़ते रहे। भोर से शुरू जलाभिषेक भोग आरती के समय दोपहर करीब 12 बजे सिर्फ 15 मिनट के लिए स्थगित रहा। इसके बाद फिर कतार में लगे श्रद्धालु मनकामेश्वर के दरबार में बढ़ने लगे। रात 12 बजे तक दर्शन-पूजन का सिलसिला चला। इस दौरान मंदिर के महंत श्रीधरानंद ब्रह्मचारी अन्य पुजारियों और सेवादारों के साथ व्यवस्था में लगे रहे। अरैल स्थित सोमेश्वर महादेव मंदिर में भी भोर से ही जलाभिषेक आरंभ हो गया।
यहां भी पुरूष और महिलाओं की अलग-अलग कतारें लगी रहीं। एक तरफ जलाभिषेक होता रहा, दूसरी ओर मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ रुद्राभिषेक भी हो रहा था। रात 10 बजे रंग-बिरंगे फूलों से सोमेश्वर महादेव का शृंगार किया गया। इसी तरह भरद्वाजेश्वर महादेव मंदिर में भी दिन भर भक्तों की भीड़ मनोकामना पूर्ति के लिए हाजिरी लगाने पहुंचती रही। शहर के अन्य शिवालयों में भोर से ही भोले नाथ को जल चढ़ाने और मनोरथ पूर्ण करने के लिए पूजा-आरती करने वालों की भीड़ शुरू हो गई। शाम को भी मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन किया।
दशाश्वमेध मंदिर का मुख्य रास्ता बंद, गलियों से भक्तों ने किया प्रवेश
दशाश्वमेधेश्वर महादेव का मंदिर में गंगा प्रवेश कर गई हैं। इस दिन मंदिर की कई सीढ़ियां डूबने की वजह से मुख्य मार्ग से भक्त मंदिर में प्रवेश नहीं कर सके। हालांकि दारागंज की गली से भोले भक्तों ने बाबा का अभिषेक और पूजन किया। पुजारी सोमदत्त शास्त्री ने मंदिर को रंग-बिरंगे फूलों से सजाया था।
मनकामेश्वर महादेव का चांदी के आभूषणों से शृंगार
सावन के तीसरे सोमवार को मनकामेश्वर महादेव की चांदी के आभूषणों से शृंगार झांकी सजाई गई। इसमें मदार, मोगरा, चांदनी, गेंदा और गुलाब के फूलों से मनकामेश्वर महादेव के मंदिर को भव्य सजाया गया था। महंत श्रीधरानंद ने सैकड़ों भक्तों और सेवादारों की मौजूदगी में रात 10 बजे आरती उतारी।