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प्रयागराज : अशरफ के साले के फर्जीवाड़े में कॉलेजकर्मियों की भूमिका संदिग्ध, छानबीन में जुटी पुलिस

Sat, 06 Jan 2024 05:30 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

मामले में सबसे अहम साक्ष्य वह हाजिरी रजिस्टर है, जिसमें जैद मास्टर के फर्जी दस्तखत किए गए हैं। रजिस्टर में 18 नवंबर तक उसके दस्तखत मिले हैं, जबकि 20 नवंबर के बाद से नहीं हैं।
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अतीक-अशरफ। फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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माफिया खालिद अजीम उर्फ अशरफ के साले मो.जैद मास्टर के फर्जीवाड़े के मामले में एमआर शेरवानी कॉलेज के कुछ कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध है। दरअसल, हाजिरी रजिस्टर को लेकर पड़ताल में अब तक अलग-अलग बयान सामने आए हैं। मुकदमा वादी प्रधानाचार्य व प्रधान लिपिक की बातों में भी अंतर मिला है।

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मामले में सबसे अहम साक्ष्य वह हाजिरी रजिस्टर है, जिसमें जैद मास्टर के फर्जी दस्तखत किए गए हैं। रजिस्टर में 18 नवंबर तक उसके दस्तखत मिले हैं, जबकि 20 नवंबर के बाद से नहीं हैं।

अहम बात यह है कि प्रधानाचार्य मो.याकूब ने पुलिस को बताया है कि हाजिरी रजिस्टर कॉलेज के प्रधान लिपिक एजाज अहमद के पास रहता था। वहीं, एक दिन पहले पूछताछ में प्रधान लिपिक ने पुलिस को इससे इतर बात बताई है।
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कहा है कि रजिस्टर उनके पास रहने के साथ-साथ कार्यालय में भी रहता था। ऐसे में वह यह नहीं बता सकता था कि जैद के दस्तखत रजिस्टर में कैसे हुए। सूत्रों का कहना है कि प्रधानाचार्य व प्रधान लिपिक के बयान में अंतर से कॉलेज के कुछ कर्मचारियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। ऐसे में पुलिस इसकी भी जांच में जुटी है। एसीपी वरुण कुमार ने बताया कि सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। साक्ष्य संकलन के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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सीसीटीवी खराब, अहम साक्ष्य भी नदारद

सूत्रों का यह भी कहना है कि सीसीटीवी फुटेज नहीं मिलने से भी पुलिस की जांच प्रभावित हुई है। दरअसल, कॉलेज में लगे सीसीटीवी कैमरे खराब होने की वजह से वह साक्ष्य भी नहीं मिल सका कि हाजिरी रजिस्टर में जिन तिथियों में दस्तखत हुए, उन तिथियों में जैद कभी कॉलेज आया या नहीं।

प्रधानाचार्य ही हैं मुकदमा वादी

कॉलेज प्रधानाचार्य मो.याकूब ने 30 दिसंबर को यह मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप लगाया है कि कॉलेज में इतिहास के प्रवक्ता के तौर पर तैनात मो.जैद निवासी हटवा किसी अन्य से मिलीभगत कर गायब होने के बावजूद हाजिरी रजिस्टर पर दस्तखत बनवाता रहा। बता दें कि जैद माफिया अशरफ की पत्नी जैनब के सात भाइयों में सबसे बड़ा है। वह 24 फरवरी को उमेश पाल हत्याकांड के बाद अगले दिन से वह घर छोड़कर गायब है।
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