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Prayagaj : पीसीबी हॉस्टल में आधी रात हुए गैंगवार में मारा गया था रोहित, घेरकर बरसाई गई थीं गोलियां

Wed, 10 Jan 2024 01:14 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

रोहित शुक्ला को बेटू के नाम से भी जाना जाता था और वह मूल रूप से बारा के लोहगरा का रहने वाला था। उसका परिवार अल्लापुर में रहता था और पिता राकेश ट्रांसपोर्ट का व्यवसाय करते थे।
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रोहित शुक्ला। फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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15 अप्रैल 2019, यही वह तारीख थी जब इलाहाबाद विश्वविद्यालय का पीसीबी छात्रावास आधी रात गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा था। यहां दो गुटाें के बीच हुई फायरिंग व बमबाजी में अल्लापुर निवासी रोहित शुक्ला मारा गया था। हत्यारों ने घेरकर उस पर गोलियां बरसाई थीं।

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रोहित शुक्ला को बेटू के नाम से भी जाना जाता था और वह मूल रूप से बारा के लोहगरा का रहने वाला था। उसका परिवार अल्लापुर में रहता था और पिता राकेश ट्रांसपोर्ट का व्यवसाय करते थे। 15 अप्रैल की रात दो बजे के करीब वह अपने कुछ साथियों के साथ पीसीबी में था। इसी दौरान आदर्श त्रिपाठी व उसके सहयोगियों से रोहित का विवाद हो गया था। जिसके बाद जमकर फायरिंग व बमबाजी हुई थी। इस घटना में रोहित को घेरकर गोलियाें से छलनी कर दिया गया था।

करीब एक महीने बाद 17 मई को एसटीएफ ने हत्याकांड के एक आरोपी अभिषेक उर्फ नवनीत यादव को गिरफ्तार कर खुलासा किया था कि रोहित शुक्ला की हत्या इविवि में बन रहे स्टूडेंट एक्टिविटी सेंटर में वसूली की रकम को लेकर हुई थी। एसटीएफ का दावा था कि मुख्य आरोपी आदर्श और रोहित के बीच वसूली को लेकर विवाद चल रहा था। घटना से पहले नैनी जेल में बंद कुख्यात अभिषेक सिंह माइकल ने दोनों को बुलाकर समझौता भी कराया था। हालांकि इसके बाद भी पीसीबी हॉस्टल में पहुंचते ही दोनों गुट आमने सामने हो गए और फिर वहां हुई फायरिंग-बमबाजी में रोहित मारा गया।

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हाईकोर्ट ने लिया था स्वत: संज्ञान, कमिश्नर-डीएम-एसएसपी को किया था तलब

इस सनसनीखेज हत्याकांड का इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए आपराधिक जनहित याचिका भी दायर की थी। साथ ही कमिश्रनर, डीएम व एसएसपी के साथ ही इविवि के कुलसचिव को नोटिस जारी कर तलब भी किया था। तत्कालीन मुख्य न्यायमूर्ति और जस्टिस एसएम शमशेरी की पीठ ने तल्ख टिप्पणी की थी। कहा था कि विवि परिसर में अराजकता का माहौल है। छात्रावास अपराधियों की पनाहगार हो गए हैं और पूरा परिसर उनकी आपराधिक गतिविधियों का मैदान बन चुका है।
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