अकेली सफर करने वाली महिलाओं को रोडवेज ने खासी राहत दी है। रोडवेज ने महिलाओं के लिए बसों में पहले के मुकाबले तीन गुना सीट आरक्षित कर दी है। नई व्यवस्था के तहत अब महिलाओं के लिए कुल नौ सीट रिजर्व रहेगी। रोडवेज के प्रबंध निदेशक ने इसके लिए दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। सभी क्षेत्रीय प्रबंधकों से कहा गया है कि वह बसों में ‘महिलाओं के आरक्षित’ वाक्य भी लिखवा दें। ताकि महिला यात्रियों को कोई दिक्कत न हो।
रेलमंत्री सुरेश प्रभु द्वारा ट्रेनों में महिलाओं को इस बार के रेल बजट में खासी सहूलियत दिए जाने का ऐलान किया गया है। उनके इस ऐलान के बाद उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने भी महिलाओं के बस के सफर को आसान बनाने का प्रयास किया है। रोडवेज प्रशासन ने सभी बसों में महिलाओं के लिए कुल नौ सीटें आरक्षित कर दी हैं। अभी तक बसों में महिलाओं के लिए सिर्फ तीन सीट ही आरक्षित थी। रोडवेज की व्यवस्था के अनुसार महिला सीट खाली होने पर ही उसमें पुरुष यात्री सफर कर सकेंगे।
अगर कोई महिला सफर के लिए बस में आती है तो पुरुष यात्रियों को इन सीटों से हटना पड़ेगा। नई व्यवस्था के तहत बसों में चालक के पीछे की दो सीटें छोड़कर दाहिनी ओर की तीन लाइन की नौ सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं। क्षेत्रीय प्रबंधकों से यह भी कहा गया है कि वह सीटों के ऊपर ‘महिलाओं के आरक्षित’ वाक्य भी जल्द से जल्द लिखवा दें। रोडवेज इलाहाबाद परिक्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक डॉ. हरिशचंद्र यादव के मुताबिक बसों में महिलाओं के नौ सीट आरक्षित रखने का निर्देश प्रबंध निदेशक से मिला है। कंडक्टरों से कहा गया है कि वे महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों पर पुरुष यात्री को न बैठने दें।