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कुंडा में सड़क हादसा : परिवार को लगी नजर, महीने भर में ही मातम में बदलीं खुशियां

Sun, 25 Jul 2021 01:16 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

  • एक महीने पहले बजी थी घर में शहनाई, भाई के सिर सजा था सेहरा
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prayagraj news : सड़क हादसे में असिस्टेंट प्रोफेसर अर्जिता श्रीवास्तव की मौत के बाद बिलखते परिजन। - फोटो : prayagraj
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विस्तार
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सड़क हादसे में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अर्जिता श्रीवास्तव व उनकी चचेरी बहन की मौत के बाद घर में कोहराम मचा रहा। एक साथ दो मौतों की खबर से पड़ोसी भी स्तब्ध थे। इस बात की भी चर्चा होती रही कि शायद परिवार को किसी की नजर लग गई। जिसकेचलते महीने भर में ही खुशियां मातम में बदल गईं।

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दरअसल महीने भर पहले ही अर्जिता के भाई अभिशांत की शादी हुई थी। 23 जून को शादी केकुछ दिनों बाद उसकी पत्नी मायके चली गई थी। जिसे विदा कराने के लिए शनिवार को पूरा परिवार लखनऊ जा रहा था। घर में सभी बेहद खुश थे। लेकिन खुशियां ज्यादा देर टिक नहीं सकीं। परिजनों के रवाना होने के कुछ देर बाद ही हादसे की खबर घर पहुंची तो कोहराम मच गया।

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prayagraj news : सड़क हादसे में असिस्टेंट प्रोफेसर अर्जिता श्रीवास्तव की मौत के बाद बिलखते परिजन। - फोटो : prayagraj
परिवार के अन्य लोगों के साथ रिश्तेदार आननफानन में मौके पर पहुंचे। वहां से कुछ लोग एसआरएन अस्पताल चले आए जबकि अन्य पोस्टमार्टम हाउस चले गए। वहां से पोस्टमार्टम के बाद शाम छह बजे के करीब दोनों शव घर लाए गए तो वहां चीखपुकार मच गई। घरवालों की हालत देख पड़ोसियों की भी आंखें भर आईं। इसकेबाद परिजनों ने गोपीगंज स्थित रामपुर घाट पर पहुंचकर अंतिम संस्कार कर दिया। 

मेधा के साथ ही व्यवहार के भी थे सभी कायल
हादसे में जान गंवाने वाली असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अर्जिता की मेधा के साथ ही उनके व्यवहार के भी सभी कायल थे। 2018 में वह कॉलेज के केमेस्ट्री विभाग में बतौर असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्त हुईं। उन्होंने शहर में ही रहकर ईसीसी से बीएससी और फिर इलाहबाद विश्वविद्यालय से एमएससी और पीएचडी किया। इसके बाद जेआरएफ के लिए भी चयनित हुईं और फिर उनकी नियुक्ति हुई। उनके निधन की सूचना पर कॉलेज स्टाफ के साथ ही छात्र-छात्राओं में भी शोक की लहर दौड़ गई।
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