अपने लायक एक सपना चुनें, ऐसा कार्य करें की संस्थान को गर्व हो
उन्होंने कहा कि भारत जैसे विकासशील देश में प्रगति लाने की जिम्मेदारी आप पर और अधिक है कि आपने इस प्रतिष्ठित संस्थान से शिक्षा प्राप्त की है। हमारे अधिकांश नागरिक बुनियादी शिक्षा, आश्रय, स्वच्छ पानी, स्वच्छ हवा, न्यूनतम पोषण और बेहतर स्वास्थ्य से दूर हैं। उनको बेहतर जीवन देने के लिए पेशेवर युवाओं को काम करना होगा। कहा कि एक पेशेवर का पहला कर्तव्य अपने राष्ट्र की प्रगति में योगदान देना है।
आप याद रखें कि भारत में जनसंख्या, पोषण और स्वास्थ्य देखभाल बड़ी चुनौतियां हैं। भारत के पास दुनिया का केवल चार प्रतिशत ताजा पानी है, लेकिन दुनिया की आबादी का 16 प्रतिशत हिस्सा है। कुपोषित बच्चों का प्रतिशत सबसे अधिक भारत में है। हम भारतीय नागरिकों को अपनी जनसंख्या वृद्धि दर को कम करने की दिशा में तेजी से प्रगति करनी होगी। कहा कि आपमें से कुछ लोग विदेश में बस जायेंगे। लेकिन आपका कर्तव्य अपने देश का एक आदर्श, उत्पादक और सम्मानित नागरिक बनना है। इससे आपकी मातृभूमि की छवि ऊंची होगी।
कहा कि मुझे विश्वास है कि आज इस दीक्षांत समारोह में आपने जो दायित्व स्वीकार किया है, उसे आप पूरा करेंगे। कहा कि अपने लायक एक सपना चुनें। ऐसा जीवन जिएं, जिस पर आपकी महान संस्था को गर्व हो। इस दाैरान 60 मेधावियां को गोल्ड मेडल दिया गया। समारोह में इलाहाबाद विश्वविद्यालय की कुलपति संगीता श्रीवास्तव, संस्थान के निर्देशक प्रोफेसर आरएस वर्मा, कुलसचिव प्रोफेसर रमेश पांडेय, डीन एकेडमिक प्रोफेसर एलके मिश्रा आदि थे।