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शोध प्रवेश परीक्षा केंद्र बाहर भेजने पर हंगामा

Wed, 22 Jun 2016 11:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के वीसी ने कहा कि वे इस्तीफा देने को हैं तैयार - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रवेश समिति की ओर से परास्नातक (पीजीएटी), शोध (क्रेट), एलएलएम आदि प्रवेश परीक्षाओं में महिला एवं दिव्यांग अभ्यर्थियों के बाहर भेजे गए परीक्षा केंद्रों में संशोधन के आश्वासन के बाद भी परेशानी दूर नहीं हो सकी है। महिलाओं एवं दिव्यांगों के संयुक्त शोध प्रवेश परीक्षा (क्रेट) के बाहर भेजे जाने से परेशान अभ्यर्थियों ने बुधवार को इविवि परिसर में पहुंचकर हंगामा किया। इन अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि जब इविवि के पास ऑनलाइन परीक्षा कराने की व्यवस्था नहीं थी तो कैसे ऑनलाइन परीक्षा का विकल्प लागू कर दिया गया। इन अभ्यर्थियों ने इविवि से परीक्षा निरस्त करने की मांग की है।
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इविवि की ओर से केंद्र पीजीएटी, क्रेट एवं एलएलएम की प्रवेश परीक्षाओं के केंद्र मनमाने तरीके से बाहर भेज दिए जाने के कारण बड़ी संख्या में दावेदार परीक्षा छोड़ सकते हैं। परीक्षा छोड़े जाने की स्थिति में विवि में अच्छे छात्रों को दाखिला नहीं मिल सकेगा। विवि ओर से अंतिम समय में दिल्ली, आगरा, ग्वालियर, इंदौर आदि जिलों में बनाए गए परीक्षा केंद्रों को बदलकर शहर के तीन परीक्षा केंद्रों पर करने का प्रवेश समिति के निदेशक ने आश्वासन दिया था। इसके बाद भी परीक्षार्थियों की समस्या दूर नहीं हुई।
23 और 24 जून को होने वाली परास्नातक (पीजीएटी), शोध (क्रेट), एलएलएम की प्रवेश परीक्षा के केंद्र बाहर भेजे जाने से नाराज छात्र-छात्राओं ने मानव संसाधन मंत्रालय को पत्र भेजकर विवि की मनमानी की शिकायतकी है। परीक्षार्थियों का आरोप है कि कुलपति के हठवादी रवैये के कारण यह परेशानी खड़ी हुई है। छात्रों का कहना है कि कुलपति यदि विवि सहित अपने संघटक कॉलेजों में ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा की व्यवस्था करते तो काफी हद तक समस्या दूर हो सकती थी। इस दिशा में विवि की ओर से कोई प्रयास नहीं किया गया। 
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परीक्षार्थियों ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय और कुलपति को पत्र लिखकर इलाहाबाद में परीक्षा कराए जाने या परीक्षा स्थगित करने की मांग की है। छात्रों का कहना है कि अचानक परीक्षा केंद्र शहर से बहुत दूर बना दिए जाने से उन्हें बाहर जाने के लिए ट्रेन का रिजर्वेशन तक नहीं मिल पा रहा है। गर्मी की छुट्टी में ट्रेन में जगह नहीं होने के कारण इन छात्राें ने परीक्षा छोड़ने का फैसला किया है। उधर, प्रवेश प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो. बीएन सिंह पहले ही कह चुके हैं कि इलाहाबाद में ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा की व्यवस्था नहीं होने की वजह से दूसरे जिलों में अभ्यर्थियों का केंद्र बनाया गया है। उन्होंने जो विकल्प मांगे हैं उन्हीं जिलों में केंद्र बनाया गया है।
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