चार साल पुराने मामले में धूमनगंज पुलिस की एक टीम ने गुजरात जाकर जेल में बंद दो आरोपियों का बयान दर्ज किया। 2017 में हुई इस घटना में पुलिस पर हमला कर अपराधी को छुड़ाने की कोशिश हुई थी। मामले का एक आरोपी मौके से ही गिरफ्तार किया गया था जबकि दो आरेापी फरार हो गए थे। जो बाद में गुजरात में किसी अन्य मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजे गए थे। बयान दर्ज करने के बाद पुलिस अब इस मामले में आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है।
धूमनगंज पुलिस की एक टीम इंस्पेक्टर अनुपम शर्मा के नेतृत्व में गुजरात के साबरमती जेल पहुंची। वहां वारंट तामील करवाकर आरोपियों आशू और प्रमोद उर्फ पीकेका बयान दर्ज किया। पुलिस ने बताया कि दोनों अंबेडकर नगर जिले के रहने वाले हैं, जो प्रयागराज समेत अन्य जिलों में अपने साथी छोटू ओझा उर्फ इंद्रजीत निवासी धूमनगंज के साथ मिलकर आपराधिक वारदातों को अंजाम देते थे। धूमनगंज इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोपियों का बयान दर्ज कर लिया गया है। अब उनके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया जाएगा।
15 अगस्त के दिन हुई थी घटना
घटना 15 अगस्त 2017 की है। लूट की ताबड़तोड़ वारदातों से पुलिस की नाक में दम करने वाले छोटू को गिरफ्तार कर पुलिस उसके साथियों की तलाश में जुटी थी। उसकी निशानदेही पर तत्कालीन इंस्पेक्टर अरुण कुमार त्यागी शाम के वक्त मयटीम देवघाट झलवा पहुंचे थे। इसी दौरान पल्सरसवार दो बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी थी। इस दौरान मौका पाकर छोटू ने अपने दोनों साथियों संग बाइक पर बैठकर पुलिस अभिरक्षा से फरार होने की कोशिश की थी। हालांकि पुलिस के जवाबी फायरिंग करने पर हड़बड़ाहट में वह गिर गया जिस पर उसे दोबारा पकड़ा गया। जबकि उसके दोनों साथी फरार हो गए थे। पूछताछ में उसने बताया था कि फरार हुए दोनों बदमाश प्रमोद और आशू हैं। जिनकी तलाश में लगी पुलिस टीम को हाल ही में पता चला कि दोनों गुजरात की साबरमती जेल में बंद हैं।