prayagraj news : गंगा में फिर दो शव मिले।
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बारिश से गंगा में कटान का खतरा और बढ़ गया है। सोमवार को फाफामऊ घाट पर कटान से रेत में दबा एक और शव बाहर दिखने लगा। जानकारी मिलने के बाद शव को बाहर निकलवा कर अंतिम संस्कार कराया गया। इसी के साथ अब तक कटान की वजह से रेत से बाहर आने वाले शवों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है। कहा जा रहा है कि यही हाल रहा तो फाफामऊ के साथ छतनाग घाट पर भी दफनाए गए कुछ शव बाहर आ सकते है। फिलहाल बारिश से हो रही कटान को देखते हुए प्रशासन ने घाटों पर निगरानी बढ़ा दी है। बताया जा रहा है कि कोरोना काल में जान गंवाने वाले तमाम लोगों के शवों को जगह न मिलने की वजह से रेत में ही दफना दिया गया था।
फाफामऊ घाट पर रेत में दफनाए गए शवों के बाहर आने का सिलसिला जारी है। सोमवार को एक और शव रेत से बाहर दिखने के बाद घाट पर निगरानी बढ़ा दी गई। एक और शव बाहर आने की जानकारी मिलने पर जोनल अधिकारी नीरज कुमार सिंह शाम को घाट पर पहुंचे। इससे पहले शव को रेत से बाहर निकाल कर चिता लगा दी गई थी। जोनल अधिकारी ने इस शव को भी कर्मकांड और श्राद्ध केे साथ मुखाग्नि दी। इस घाट पर अभी और भी कई शवों के रेत से बाहर आने की आशंका जताई जा रही है।
जिस तरह से लगातार कटान हो रही है, उससे माना जा रहा है कुछ दूरी पर ही दबे कई और शवों का अंतिम संस्कार कराना पड़ सकता है। कटान से रेत में दफन शवों के अंगों के दिखने के बाद घाट और आसपास के इलाकों में लोग सकते में हैं। हालांकि बारिश होने सेे कटान शुरू होने के बाद नगर निगम प्रशासन ने फाफामऊ घाट पर निगरानी बढ़ा दी है। कहा जा रहा है कि जिस तरह सेे कटान हो रही है, उससे जल्द ही रेत में दबे और भी शव बाहर आ सकते हैं। ऐसे में घाटों पर नगर निगम की ओर से कर्मचारी तैनात कर दिए गए हैं,ताकि किसी भी समय शव दिखने पर जानकारी मिल सके। इसके अलावा नगर निगम की ओर से गठित निगरानी समिति के सदस्यों को भी घाटों पर नजर रखने की जिम्मेदारी दी गई है।