कर्नलगंज निवासी दुष्कर्म पीड़िता के मामले में आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर मदन यादव के पांच मददगार प्रोफेसरों पर भी तलवार लटक रही है। पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में उन पर जान से मारने की धमकी देने, मारपीट समेत अन्य आरोप लगाते हुए पुलिस को बयान दिया है। फिलहाल मामले की विवेचना चल रही है। उधर इंस्पेक्टर-दरोगा समेत तीन पर दर्ज मुकदमे की जांच भी शुरू कर दी गई है।
कर्नलगंज निवासी दुष्कर्म पीड़िता ने मदन यादव व चार अज्ञात पर इसी साल 29 सितंबर को मारपीट, धमकी देने समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कराया था। सुनवाई न होने पर उसने कोर्ट में गुहार लगाई थी और कोर्ट के आदेश पर ही यह केस दर्ज किया गया था। इसमें पीड़िता ने आरोप लगाया है कि वह प्रयागराज स्टेशन जा रही थी तभी सीएमपी गेट पर रोककर मदन यादव व उसके तीन-चार साथी उसे जबरन कॉलेज के भीतर घसीट ले गए और मीटिंग हाल में बंद कर अभद्रता करते हुए पूर्व में दर्ज मुकदमे में गवाही देने पर जान से मारने की धमकी दी।
वहां से जार्जटाउन थाने जाते वक्त 100 मीटर पहले ही रोककर जान से मारने की नीयत से नाले में फेंक दिया। साथ ही ईंट-पत्थर से वार किए। सूत्रों का कहना है कि पीड़िता का आरोप है कि उसे धमकाने, मारपीट आदि में पांच अन्य प्रोफेसरों ने मदन की मदद की और उसने उनका नाम अपने बयान में पुलिस को बताया है। ऐसे में उन प्रोफेसरों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है। पुलिस फिलहाल इस मामले में ज्यादा कुछ बताने को तैयार नहीं है। अफसरों का सिर्फ इतना ही कहना है कि विवेचना चल रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।