1- आबिद प्रधान
आबिद पुत्र अवारुल हक उर्फ बच्चा मुंशी मरियाडीह का रहने वाला और उसका घर लालबिहारा में भी है। वर्तमान में उस पर कुल 38 मुकदमे दर्ज हैं। आबिद आईएस 227 गैंग का सक्रिय सदस्य और अतीक का दाहिना हाथ माना जाता रहा है। 2015 में बकरीद के दिन चचेरी बहन अल्कमा व ड्राइवर को फॉर्च्यूनर कार के भीतर गोलियों से भून दिए जाने के मामले में भी वह आरोपी है। इस घटना में पहले आबिद ने अपने विरोधियों को फंसाया था। हालांकि सत्ता बदलने पर हुई पुनर्विवेचना में सामने आया था कि अतीक के इशारे पर आबिद ने ही अपने साथियों संग यह वारदात अंजाम दी।
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फरहानफरहान पुत्र अनीस पहलवान भी मरियाडीी का रहने वाला है और अतीक गैंग का कुख्यात शूटर है। उस पर जनपद के विभिन्न थानों में 32 मुकदमे दर्ज हैं। आरोप है कि राजूपाल हत्याकांड में अशरफ के साथ मिलकर उसने भी गोलियां बरसाई थीं। सूत्रों का यह भी कहना है कि फरहान ने अपने पिता की हत्या का बदला लेने के लिए राजू पाल को मारने की कसम भी खाई थी। सजा सुनाए जाने से पहले वह एक अन्य केस में चित्रकूट जेल में बंद था।
3- जावेद
जावेद पुत्र बचऊ उर्फ समशुल हक भरेठा मरियाडीह का रहने वाला है। वह आबिद प्रधान का चचेरा भाई है जिस पर 22 मुकदमे दर्ज हैं। उस पर हत्या के प्रयास के पांच मुकदमों के अलावा दो बार गैंगस्टर की भी कार्रवाई हो चुकी है।
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गुलहसनगुलहसन पुत्र मंसूर कसारी मसारी का रहने वाला है। उसके ऊपर कुल सात मुकदमे दर्ज हैं जिनमे से एक हत्या व बाकी हत्या के प्रयास के हैं।
5- रंजीत पाल
रंजीत पाल पुत्र विजयी पाल नीवा धूमनगंज का रहने वाला है और उस पर चार मुकदमे दर्ज हैं। रंजीत पाल का नाम राजू पाल की हत्या के अलावा उन पर पूर्व में दो बार हुए हमले में भी आया था। रंजीत ने अतीक के शूटर बल्ली पंडित के साथ मिलकर नवंबर व दिसंबर 2004 में राजू पाल पर बम व गोलियाें से हमला किया था।
6- इसरार
इसरार पुत्र हफीजुद्दीन भी नीवा का रहने वाला है और अतीक गैंग का सक्रिय सदस्य है। हत्या, अपहरण, हत्या का प्रयास, बमबाजी के अलावा उस पर दो बार गैंगस्टर भी लग चुका है। इसरार कई मुकदमों में अतीक गैंग के अन्य सदस्यों के साथ नामजद भी है।
7- अब्दुल कवी
अब्दुल कवी पुत्र अब्दुल गनी कौशांबी के सरायअकिल के भकंदा गांव का रहने वाला है। राजू पाल हत्याकांड में वह 18 साल से फरार चल रहा था। उमेशपाल हत्याकांड के बाद कौशांबी एसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने उसके परिजनों व मददगारों पर शिकंजा कसा था तो उसने स्पेशल सीबीआई कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। सीबीआई ने उस पर 50 हजार का इनाम भी घोषित किया था। उमेश पाल हत्याकांड के बाद सरायअकिल थाना प्रभारी विनीत सिंह ने छापा मारकर इसके घर से भारी मात्रा में असलहा व गोला बारूद बरामद किया था।