फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राज्य विवि में धरने पर बैठे शिक्षकों को पुलिस ने उठाया

विज्ञापन
Rajendra Singh Rajju Bhaiya University Allahabad
विज्ञापन
प्रयागराज। प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) राज्य विश्वविद्यालय में 14 सूत्रीय मांगों को लेकर धरने पर बैठे स्ववित्त पोषित महाविद्यालयों के शिक्षकों को पुलिस ने बृहस्पतिवार को बल पूर्वक हटा दिया। शांतिपूर्ण तरीके से धरना दे रहे शिक्षकों में पुलिस की इस कार्रवाई से रोष है। शिक्षकों को देर रात तक कोतवाली में बैठाकर रखा गया। शिक्षकों ने निर्णय लिया है कि भले ही विश्वविद्यालय परिसर में उन्हें धरने पर बैठने से रोका जाए लेकिन, उनका आंदोलन जारी रहेगा और वे किसी दूसरी जगह धरना देंगे।
विज्ञापन

राज्य विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव और शिक्षकों के बीच बुधवार को हुई वार्ता विफल हो गई थी। शिक्षकों का कहना है कि विश्वविद्यालय अधिनियम में प्रावधान है कि कुलपति से अनुमति लिए बिना किसी भी कॉलेज का प्रबंधतंत्र शिक्षक को नहीं निकाल सकता। साथ ही छात्र-छात्राओं से मिलने वाले शुल्क का 80 फीसदी हिस्सा वेतन आदि पर खर्च किए जाने का प्रावधान है लेकिन, कॉलेजों के प्रबंधतंत्र किसी भी नियम का अनुपालन नहीं कर रहे हैं। शिक्षक चाहते हैं कि इन मुद्दों समेत 14 सूत्रीय मांगों पर कुलपति लिखित रूप से आश्वासन दें।
बृहस्पतिवार को धरने का 14वां दिन था। कुलपति की ओर से संदेश भेजा गया कि शिक्षक धरने से उठ जाएं, उनकी मांगों पर विचार किया जाएगा लेकिन, शिक्षक लिखित आश्वासन पर अड़े थे। दोपहर बाद अचानक वहां कोतवाली की पुलिस, सीओ और जिला प्रशासन के प्रतिनिधि पहुंच गए। शिक्षकों को मुकदमे की धमकी देकर धरने से उठने के लिए कहा गया लेकिन, वे नहीं माने। इस पर धरना स्थल पर रखे तख्त, दरी आदि जब्त कर लिए गए और शिक्षकों को बलपूर्वक वहां से हटा दिया गया।
विज्ञापन

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे शमशाद ख्वाजा और डॉ. दीपक को पुलिस अपने साथ कोतवाली ले गई। उनके पीछे तमाम शिक्षक भी कोतवाली पहुंच गए और पुलिस की इस कार्रवाई पर रोष जताया। देर रात तक शिक्षकों को कोतवाली में बैठाकर रखा गया। शिक्षकों ने कहा कि कुलपति कितना भी दबाव बना लें मगर, शिक्षक पीछे हटने वाले नहीं हैं। शिक्षकों के दमन और अन्याय के खिलाफ यह लड़ाई जारी रहेगी, भले ही इसके लिए किसी दूसरी जगह धरने पर बैठना पड़े।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें