दिल्ली-हावड़ा रूट पर ट्रेनों की ज्यादा आवाजाही की वजह से दक्षिण भारत और मुंबई से आने वाली अधिकांश ट्रेनें नैनी लिंक जंक्शन पर खड़ी करनी पड़ती है। इस वजह से इन ट्रेनों की लेटलतीफी बढ़ जाती है। इसके अलावा मुंबई रूट की बहुत सी ट्रेनें ऐसी हैं जो प्रयागराज जंक्शन के रास्ते वाराणसी जाती हैं। जंक्शन पर इन ट्रेनों के इंजन को बदले जाने में भी समय लगता है। इन्हीं सब दिक्कतों को दूर करने के लिए रेलवे ने मुंबई रूट की ट्रेनों को इरादतगंज से सीधे झूंसी के पास कुंवाडीह स्थित रामबाग-वाराणसी रेल ट्रैक से मिलाने की तैयारी की है।
इसके लिए कुल 26.9 किमी का एक रेल फ्लाईओवर इरादतगंज से सीधे झूंसी के कुंवाडीह को जोड़ेगा। इस दौरान गंगा पर रेलवे एक पुल भी बनाएगा। इस फ्लाई ओवर से दो लिंक फ्लाई ओवर भी निकाले जाएंगे। पहला लिंक छिवकी के पास तो दूसरा लिंक करछना रेलवे स्टेशन के पास दिल्ली-हावड़ा रूट से मिलेगा। इन दोनों ही लिंक की लंबाई साढ़े चार-साढ़े चार किलोमीटर रहेगी। इस तरह से इस पूरे फ्लाई ओवर की कुल लंबाई 35.858 किमी होगी।
118 हेक्टेयर जमीन का रेलवे करेगा अधिग्रहण
यमुनापार के इरादतगंज से गंगापार के कुंवाडीह को जोड़ने के लिए बनाए जाने वाले रेल फ्लाई ओवर के निर्माण के लिए 118 हेक्टेयर जमीन का रेलवे अधिग्रहण करेगा। इस पूरे प्रोजेक्ट की कुल लागत 3575 करोड़ रुपये रहेगी। एनसीआर प्रशासन द्वारा सर्वे कर इसका डीपीआर तैयार कर रेलवे बोर्ड को भेजा है। रेलवे के निर्माण विंग ने ही यह डीपीआर तैयार किया था।