बेहतर भविष्य के लिए रेलवे के दूसरे विभाग में स्विच करने या नौकरी छोड़कर दूसरे सरकारी विभाग में जाने वाले कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि तकनीकी त्यागपत्र देने वाले कर्मचारी अब चार महीने तक अपने रेलवे क्वार्टर में रह सकेंगे।
बेहतर भविष्य के लिए रेलवे के दूसरे विभाग में स्विच करने या नौकरी छोड़कर दूसरे सरकारी विभाग में जाने वाले कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि तकनीकी त्यागपत्र देने वाले कर्मचारी अब चार महीने तक अपने रेलवे क्वार्टर में रह सकेंगे। खास बात यह है कि इस अवधि के दौरान उनसे कोई दंड शुल्क नहीं, बल्कि सामान्य किराया ही लिया जाएगा।
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दरअसल, रेलवे में तकनीकी इस्तीफे के मामलों में आवास आवंटन को लेकर कोई स्पष्ट नीति नहीं थी। इससे कर्मचारियों को नई जिम्मेदारी संभालते समय मकान खाली करने का मानसिक और प्रशासनिक तनाव झेलना पड़ता था। रेलवे बोर्ड की निदेशक (स्थापना) नीलम यादव द्वारा उत्तर मध्य रेलवे समेत सभी जोनल रेलवे को जारी पत्र के अनुसार, सार्वजनिक हित को देखते हुए यह छूट दी गई है।
यह नया नियम पद से जुड़े (ईयरमार्क्ड) क्वार्टरों पर भी समान रूप से लागू होगा। बोर्ड ने तकनीकी इस्तीफे के साथ-साथ अन्य स्थितियों के लिए भी नियमों को स्पष्ट कर दिया है। पत्र में कहा गया है कि सेवानिवृत्ति पर कुल आठ महीने तक आवास रखने की अनुमति होगी। इसमें पहले चार माह सामान्य किराया एवं अगले चार माह दोगुना किराया लिया जाएगा। इस्तीफा या बर्खास्तगी पर केवल एक माह सामान्य किराये पर रहने की अनुमति मिलेगी। मृत्यु या लापता कर्मचारी के मामले में पहले से लागू नियम ही जारी रहेंगे।