रेलवे का रेल मदद एप (मोबाइल एप्लीकेशन फॉर डिजायर्ड एसिसटेंस ड्यूरिंग ट्रेवल) का दायरा लगातार बढ़ता रहा है। उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल की ही बात करें तो इस वित्तीय वर्ष के शुरूआत चार माह में रेलवे द्वारा मदद एप के माध्यम से तकरीबन 6200 शिकायतों का निवारण किया गया। इस दौरान 553 डिमांड को सिर्फ चिकित्सीय सेवा उपलब्ध करवाने की रही। हालांकि फीडबैक देने के मामले में यात्रियों ने कुछ कंजूसी जरूर की है। चार माह की अवधि में इस एप के माध्यम से मदद पाने वाले 46 ने फीडबैक के रूप में इस सुविधा को एक्सीलेंट कहा है, जबकि 628 ने इसे बढ़िया बताया।
यात्रियों से मिल रहे बेहतर रिस्पांस से रेलवे अफसर और कर्मचारी भी खासे उत्साहित हैं। प्रयागराज मंडल के सीनियर पीआरओ अमित कुमार सिंह बताते हैं कि इस अवधि में एक महिला ने प्रसव पीड़ा की बात बताई थी। समय रहते ट्रेन में महिला को चिकित्सीय मदद उपलब्ध करवाई गई। महिला ने स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। इसके अलावा अकेले सफर करने वाली महिलाओं की शिकायत पर भी उन्हें मदद भेजी गई। इसके अलावा कोच में साफ सफाई, पानी की उपलब्धता, बुजुर्ग यात्रियों को ऊपरी बर्थ की जगह नीचे वाली बर्थ भी रेल मदद के माध्यम से उपलब्ध करवाई गई।
रेलवे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए संकल्पित है। इस एप के माध्यम से रेलवे तक समय रहते यात्री अपनी समस्या साझा करते हैं और उन्हें जल्द से जल्द मदद भी उपलब्ध करवाई जाती है। विपिन कुमार सिंह, सीनियर डीसीएम टू, प्रयागराज मंडल।
बेहद आसान है प्रक्रिया
रेलवे बोर्ड ने हेल्पलाइन नंबर 139 की तरह शिकायत और सुझाव के सभी माध्यमों को रेल मदद पोर्टल और उसके एप में समायोजित कर दिया गया है। इसके तहत यात्री मोबाइल, लैपटॉप या कंप्यूटर पर रेल मदद पोर्टल या एप के माध्यम से रेलवे तक अपनी बात पहुंचा सकते हैं। रेलवे ने हर समस्या के निस्तारण की समय सीमा भी निर्धारित कर दी है। निर्धारित समय में समाधान न होने पर वह शिकायत उच्च अधिकारी तक पहुंच जाती है। साथ ही निस्तारण की सूचना भी शिकायतकर्ता को देते हुए उससे फीडबैक भी लिया जाता है। ‘रेल मदद’ एप को एनटीईएस, पीआरएस , यूटीएस और आईसीएमएस से जोड़ा गया है। इस एप पर शिकायतें आसानी से दर्ज हो जाती हैं।