बीते 29 अगस्त को इविवि परिसर में ब्रिटिश हाईकमीशन के अफसरों के साथ रहीं डॉ. ऋचा सिंह ने सवाल उठाए हैं कि जब हाईकमीशन के अफसर यहां के विद्यार्थियों के लिए छात्रवत्ति एवं अन्य योजनाएं लेकर आए थे तो इसमें इविवि प्रशासन को आपत्ति क्यों है?
बिना अनुमति इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) परिसर में ब्रिटिश हाईकमीशन के अफसरों के प्रवेश को लेकर इविवि प्रशासन की आपत्ति पर पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष डॉ. ऋचा सिंह ने सवाल उठाए हैं। ऋचा ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और राज्यपाल को पत्र भेजकर इविवि प्रशासन के रवैये को गलत ठहराया है।
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बीते 29 अगस्त को इविवि परिसर में ब्रिटिश हाईकमीशन के अफसरों के साथ रहीं डॉ. ऋचा सिंह ने सवाल उठाए हैं कि जब हाईकमीशन के अफसर यहां के विद्यार्थियों के लिए छात्रवत्ति एवं अन्य योजनाएं लेकर आए थे तो इसमें इविवि प्रशासन को आपत्ति क्यों है? ऋचा का कहना है कि परिसर में किसी आयोजन के लिए तो अनुमति की जरूरत पड़ सकती है, लेकिन छात्र-छात्राओं से मिलकर उन्हें आगे बढ़ने के लिए कोई प्रेरित करना चाहता तो क्या इसकी अनुमति भी लेनी होगी।
ऋचा का कहना है कि एक तरफ प्रधानमंत्री घोषणा करते हैं कि छात्रों-युवाओं के पंखों को उड़ान की हवा देनी चाहिए। भारत सरकार कहती है, ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ।’ इन सबके बीच अगर कोई इविवि के छात्र-छात्राओं को अवसर प्रदान करने के लिए परिसर में आता है तो यह गलत कैसे हो सकता है। ऋचा ने इस मसले पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और राज्यपाल से मिलने के लिए समय भी मांगा है।