प्रयागराज। एलटी ग्रेड हिंदी में अपात्र अभ्यर्थियों के चयन पर सवाल उठाते हुए अन्य अभ्यर्थियों ने मांग की है कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग प्रतीक्षा सूची जारी करे और पात्रता के बावजूद जो अभ्यर्थी चयन से वंचित हो गए, उन्हें चयनित किया जाए।
दरअसल, आयोग ने एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती के विज्ञापन में बीएड समेत हिंदी से बीए और इंटरमीडिएट में संस्कृत अनिवार्य रूप से मांगा था। तमाम अभ्यर्थी निर्धारित अर्हता पूरी नहीं कर रहे थे, लेकिन उन्होंने फॉर्म में गलत जानकारी भर दी और परीक्षा में शामिल हो गए। इनमें से ज्यादातर ऐसे अभ्यर्थी थे, जिनके पास इंटर में संस्कृत विषय नहीं था। इसके बावजूद ऐसे अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। इन अपात्र अभ्यर्थियों के चयन के कारण पात्र अभ्यर्थी चयन से वंचित रह गए। हिंदी विषय में पुरुष वर्ग में 696 और महिला वर्ग में 737 पद थे। पुरुष वर्ग में 695 अभ्यर्थियों को चयन हुआ, जबकि महिला वर्ग में सभी 737 पदों पर चयन किया गया।
हालांकि अभिलेख सत्यापन के बाद पुरुष वर्ग के 418 और महिला वर्ग की 540 अभ्यर्थियों की फाइलें ही नियुक्ति की संस्तुति के साथ माध्यमिक शिक्षा निदेशालय को भेजी गईं। बाकी अपात्र अभ्यर्थियों की फाइलें रोक ली गईं। अब साढ़े चार सौ से अधिक पद खाली पड़े हैं और परीक्षा में शामिल पात्र अभ्यर्थी मांग कर रहे हैं कि आयोग प्रतीक्षा सूची जारी करे और अपात्र अभ्यर्थियों का चयन निरस्त करते हुए रिक्त पदों पर पात्र अभ्यर्थियों चयन करे। इस मांग को लेकर अभ्यर्थी अजित सिंह, स्पंदन सिंह, ओम गुप्ता, रितेश मौर्य, पंकज कुमार वर्मा आदि ने आयोग में ज्ञापन भी दिया है।