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PWD tender Scam : कंप्यूटर में छेड़छाड़ कर बदले रेट, 108 टेंडर निरस्त किए गए

Mon, 16 May 2022 10:00 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

सड़कों का जाल बिछाने के लिए विधान सभा चुनाव के लिए आचार संहिता लगने से पहले बीती 19 जनवरी को कौशाम्बी जिले में 41 सड़कों के लिए टेंडर कराए गए थे। सड़क निर्माण में पारदर्शिता बरतने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रहरी एप से टेंडर डाले जाने की व्यवस्था की, ताकि किसी तरह की गड़बड़ी न होने पाए।
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विस्तार
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पीडब्ल्यूडी में पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया के लिए बनाए गए प्रहरी एप में छेड़छाड़ कर रेट बदलने और चहेतों को फायदा पहुंचाने के मामले में शासन ने सख्त रुख अपना लिया है। इस मामले में प्रयागराज और कौशाम्बी में 108 टेंडर फिर निरस्त कर दिए गए हैं। इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की जा रही है। इससे पहले 23 टेंडर निरस्त किए गए थे।

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सड़कों, भवनों और पुलों के निर्माण में मानक की अनदेखी से लेकर बिना काम कराए भुगतान तक के लिए बदनाम पीडब्ल्यूडी के अभियंता प्रहरी एप में भी सेंधमारी से बाज नहीं आ रहे हैं। विधान सभा चुनाव के दौरान जब आचार संहिता लगी थी, तब करोड़ों रुपये की लागत वाली सड़कों के टेंडर को चहेतों को दिलाने के लिए पीडब्ल्यूडी के अफसरों ने जमकर मनमानी की।


सड़कों का जाल बिछाने के लिए विधान सभा चुनाव के लिए आचार संहिता लगने से पहले बीती 19 जनवरी को कौशाम्बी जिले में 41 सड़कों के लिए टेंडर कराए गए थे। सड़क निर्माण में पारदर्शिता बरतने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रहरी एप से टेंडर डाले जाने की व्यवस्था की, ताकि किसी तरह की गड़बड़ी न होने पाए, लेकिन टेंडर खोले जाने की निर्धारित तारीख से पहले ही अभियंताओं ने अपने चहेते ठेकेदारों के टेंडर के रेट में बदलाव कर दिया।

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तत्कालीन प्रमुख सचिव ने कराई थी मामले की जांच

आरोप है कि अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंता के डिजिटल हस्ताक्षर वाले डोंगल को लगाकर चहेते ठेकेदारों के रेट में बदलाव किया गया। इससे कई टेंडर 21 से 20-19 प्रतिशत कम रेट पर आ गए। साथ ही आचार संहिता के दौरान ही टेंडर खोल भी दिए गए। एसई और एक्सईएन के डोंगल से कंप्यूटर में छेड़छाड़ कर टेंडर रेट बदलने की शिकायत मिलने के बाद इसकी शिकायत तत्कालीन प्रमुख सचिव नितिन रमेश गोकर्ण से की गई थी।


इसके बाद 23 टेंडर निरस्त कर दिए गए थे। प्रमुख सचिव के निर्देश पर इस मामले की इंडो-नेपाल बार्डर के मुख्य अभियंता की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय कमेटी जांच कर रही है। इस बीच गड़बड़ी की आशंका पर 108 टेंडर फिर निरस्त कर दिए गए हैं। अब ये टेंडर नए सिरे से कराए जाएंगे।


कंप्यूटर में छेड़छाड़ कर रेट बदलने की शिकायत पर 23 टेंडर पहले निरस्त किए गए थे। इसके बाद सभी टेंडर निरस्त कर दिए गए हैं। ताकि पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जा सके। ये टेंडर फिर से कराए जा रहे हैं। -एके द्विवेदी, अधीक्षण अभियंता।
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