सबकुछ सही रहा तो प्रयागराज जंक्शन से नई दिल्ली के लिए इसी वर्ष शताब्दी एक्सप्रेस का संचालन शुरू हो जाएगा। इस ट्रेन से तकरीबन सात घंटे में ही यह दूरी तय हो जाएगी। इस संबंध में कानपुर से नई दिल्ली जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस को प्रयागराज से चलाने का प्रस्ताव रेल मंत्रालय को भेजा गया है। इसमें कहा गया है प्रयागराज से शाम के समय दिल्ली जाने के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस उपलब्ध है लेकिन सुबह के समय ऐसी कोई ट्रेन नहीं है जिससे दोपहर तक दिल्ली पहुंचा जा सके।
दरअसल दिल्ली के लिए प्रयागराज जंक्शन से हमसफर, राजधानी, प्रयागराज, शिवगंगा समेत तमाम ट्रेनें उपलब्ध हैं। लेकिन यह सभी रात में चलकर अगले दिन सुबह दिल्ली पहुंचती है। कुंभ के पूर्व शुरू हुई वंदे भारत एक्सप्रेस भी शाम साढ़े चार बजे चलकर रात 11 बजे दिल्ली पहुंच जाती है। यहां लंबे समय से कारोबारी, उद्यमी आदि द्वारा मांग की जा रही है कि दिल्ली के लिए सुबह के समय शताब्दी एक्सप्रेस शुरू की जाए। जिससे दोपहर तक दिल्ली पहुंच कर शाम को उसी ट्रेन से वापस लौटा जा सके। इसे देखते हुए सांसद केशरी देवी पटेल की ओर से कानपुर शताब्दी को प्रयागराज से चलाने की डिमांड भेजी गई है।
इसमें कहा गया है कि कानपुर शताब्दी अगर सुबह 5.30 बजे प्रयागराज से चले तो वह दिन में 12 बजे तक नई दिल्ली पहुंच सकती है। वापसी में शाम चार बजे दिल्ली से उसकी रवानगी हो ताकि वह रात 10.30 से 11.00 बजे तक प्रयागराज पहुंच जाए। ऐसे में जिन लोगों को दिल्ली में अपने जरूरी काम निपटाने हैं वह सुबह शताब्दी से जाकर रात तक उससे लौट आए। सांसद ने कहा रात में वापस आ जाने से यहां वॉशिंग लाइन पर ट्रेन की सफाई एवं रखरखाव का भी भरपूर समय मिल जाएगा। क्योंकि जंक्शन की अधिकांश वॉशिंग लाइन रात में खाली ही रहती है।
उधमपुर एक्सप्रेस भी कानपुर से लाई गई थी प्रयागराज
प्रयागराज से जम्मू कश्मीर के उधमुपर के लिए सप्ताह में दो दिन चल रही ट्रेन भी पहले कानपुर से ही संचालित हो रही थी। तब फूलपुर से सांसद रहे केशव प्रसाद मौर्य ने इस ट्रेन को प्रयागराज जंक्शन से चलाने का प्रस्ताव भेजा था, उसे बाद में बोर्ड ने मान लिया था। खास बात यह रही कि जब यह ट्रेन प्रयागराज लाई गई तो उसका उद्घाटन केशव प्रसाद मौर्य ने ही किया था।