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प्रो. राजेंद्र सिंह रज्जू भैया राज्य विवि में बिना परीक्षा प्रमोशन के आदेश जारी

Tue, 13 Oct 2020 10:56 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
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प्रो. राजेंद्र सिंह राज्य विश्वविद्यालय - फोटो : अमर उजाला
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प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) राज्य विश्वविद्यालय में बिना परीक्षा छात्र-छात्राओं को अगली कक्षा में प्रमोट करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। यह आदेश पूर्व में हुई परीक्षा समिति की बैठक में हुए निर्णयों के आधार पर हुआ है। इसके तहत राविवि एवं इससे संबद्ध राजकीय, अनुदानित एवं स्ववित्त पोषित महाविद्यालयों के प्रथम एवं द्वितीय वर्ष के समस्त छात्र-छात्राओं और सम सेमेस्टर के अंतिम सेमेस्टर के विद्यार्थियों को छोड़कर शेष सम सेमेस्टर के समस्त छात्र-छात्राओं को अगली में प्रमोट कर दिया गया है। इसके साथ ही प्रमोशन का फार्मूला भी निर्धारित किया गया है।
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वार्षिक पद्धति के सत्र 2019-20 के प्रथम एवं द्वितीय खंड के बीए एवं बीएससी और एमए ड्राइंग एंड पेंटिंग के छात्र-छात्राओं को उनके अगले वर्ष में प्रोन्नत किया गया है। सत्र 2019-20 के सम सेमेस्टर के एलएलबी (त्रिवर्षीय), बीसीए, बीबीए, बीएससी (बायोटेक्नोलॉजी) के द्वितीय एवं चतुर्थ सेमेस्टर, बीएएसी (कृषि) द्वितीय, चतुर्थ एवं छठवें सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं और बीएएलएलबी (पंचवर्षीय) के द्वितीय, चतुर्थ, छठवें एवं आठवें सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं एवं एमए, एमएससी, एमकॉम, एमएससी (कृषि), एमए/एमएससी (रक्षा अध्ययन), एमएसडब्ल्यू, एमपीएड, बीपीएड, एमएड, बीएड के द्वितीय सेमेस्टर के छात्र-छात्राओंको उनके अगले सेमेस्टर में प्रोन्नत किया गया है।

पूर्व में हुई परीक्षा के अंक जुड़ेंगे

राविवि द्वारा कुछ विषयों/प्रश्नपत्रों की परीक्षाएं लॉकडाउन से पहले आयोजित की गईं थीं, जिनकी उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करके उनके अंक अंतिम परिणाम में सम्मिलित किए जाएंगे। इसके अलावा ऐसे परीक्षार्थी जो लॉकडाउन 18 मार्च 2020 से पूर्व विवि द्वारा संपन्न कराई गई परीक्षा के प्रश्रपत्रों के मूल्यांकन के आधार पर अपनी कक्षा के प्रत्येक विषय में अलग-अलग प्रश्नपत्र में उत्तीर्ण हैं अथवा बैक पेपर के लिए अर्ह हैं, उन विद्यार्थियों को अगले वर्ष/सेमेस्टर में प्रोन्नत कर दिया जाएगा, लेकिन ऐसे परीक्षा जो अनुत्तीर्ण हैं, उनको वर्ष 2020 की परीक्षा में अनुत्तीर्ण घाोषित किया जाएगा। बैक पेपर की परीक्षा के संबंध में विवि द्वारा निर्धारित नियम मान्य होंगे।

अगले वर्ष में अंकों के औसत पर मिलेगी मार्कशीट

द्वितीय वर्ष में प्रोन्न्त किए गए प्रथम वर्ष के छात्र सत्र 2020-21 की द्वितीय वर्ष की परीक्षा में शामिल होंगे और अगर वे सभी विषयों में अलग-अलग उत्तीर्ण होते हैं तो इनके द्वितीय वर्ष के समस्त विषयों के प्राप्तांकों का औसत अंक ही इनके प्रथम वर्ष के उन अवशेष विषय/विषयों/प्रश्नपत्र/प्रश्नपत्रों का प्राप्तांक माना जाएगा, जिनमें सत्र 2020 में परीक्षा नहीं हो सकी। द्वितीय वर्ष के छात्रों के लिए भी यही व्यवस्था लागू रहेगी। केवल उनके अंकों के लिए उनके प्रथम वर्ष में प्राप्त किए गए अंकों का संज्ञान लिया जाएगा।

अंकों से संतुष्ट न होने पर अतिरिक्त अवसर

- अंतिम वर्ष एवं अंतिम सेमेस्टर को छोड़कर ऐसे छात्र जो सत्र 2021 की परीक्षा के परिणाम के परिणाम के आधार पर निर्धारित किए जाने वाले सत्र 2020 की अवशेष परीक्षाओं के परिणाम से संतुष्ट नहीं होंगे, वे सत्र 2021 में आयोजित होने वाली वार्षिक/सेमेस्टर परीक्षा के उन समस्त किसी भी विषय में शामिल होकर अपने अंकों में सुधार करने का अवसर प्राप्त कर सकेंगे।

परीक्षा समिति के कुछ अन्य महत्वपूर्ण निर्णय

  1. बीएएलएलबी (पंचवर्षीय) पाठ्यक्रम के छठवें एवं आठवें सेमेस्टर के समस्त छात्र-छात्राओं को पूर्व में निर्धारित चतुर्थ सेमेस्टर की व्यवस्था के अनुसार अंक प्रदान किए जाएंगे। 
  2. बीएससी (कृषि) पाठ्यक्रम के छठवें सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं को उनके पूर्ववर्ती समस्त सेमेस्टर में प्राप्त अंकों का औसत प्रदान किया जाएगा।
  3. सत्र 2019-20 के अंतिम सेमेस्टर के बैक पेपर के लिए अर्ह परीक्षार्थी जो सम सेमेस्टर के अंतिम सेमेस्टर को छोड़कर अगर किसी अन्य सम सेमेस्टर में बैक के लिए अर्ह हैं और कोविड-19 के कारण परीक्षा न होने की स्थिति में अपनी उपाधि की अर्हता अर्जित नहीं कर पा रहा है। ऐसे स्थिति में विवि के नियमों के अधीन संबंधित सेमेस्टर में समस्त प्रश्नपत्रों के औसत के आधार पर अंक प्रदान किए जाएंगे।
  4. ऐसे परीक्षार्थी जो किसी कारणवश 18 सितंबर 2020 से संचालित परीक्षा में शामिल नहीं हो सके, उन्हें उस प्रश्नपत्र में पुन: परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए विवि की सुविधानुसार आयोजित परीक्षा में एक विशेष अवसर प्रदान किया जा सकता है, जिस पर परिस्थिति के अनुरूप विश्वविद्यालय बाद में निर्णय लेगा।
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