प्रयागराज। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक के परीक्षा केंद्रों की बीच दूरी को लेकर परीक्षार्थियों की परेशानी बढ़ गई है। दरअसल, प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक के लिए अलग-अलग परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, उनके बीच की दूरी भी काफी है। जिससे प्राथमिक और उच्च प्राथमिक टीईटी दोनों के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के लिए समय पर एक से दूसरे परीक्षा केंद्रों पर पहुंचना मुश्किल होगा।
केंद्र निर्धारण में एक ही अभ्यर्थी को अलग-अलग पालियों में शहर एवं गांव के परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा देने के लिए भेज दिया गया है। इसमें सबसे प्रमुख कारण उन्हें समय से एक परीक्षा केंद्र से दूसरे तक पहुंचने में चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। यूपीटीईटी में प्राथमिक स्तर के लिए 11 लाख 76 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। जबकि, उच्च प्राथमिक के लिए पांच लाख 69 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है।
परीक्षा नियामक आयोग की ओर से अबकी बार यूपीटीईटी के लिए अलग-अलग परीक्षा केंद्र आवंटित किए गए हैं। इसके तहत प्राथमिक कक्षा की परीक्षा देने वाले अभ्यर्थी को उच्च प्राथमिक कक्षा की परीक्षा के लिए दूसरे सेंटर जाना होगा। वहीं अभ्यर्थी केंद्र की दूरी को देखकर परेशान हैं। प्रयागराज में रहकर तैयारी करने वाले और भदोही के अमित सिंह का कहना है कि उनका प्राथमिक स्तर का परीक्षा केंद्र नैनी में है जबकि उच्च प्राथमिक स्तर का परीक्षा केंद्र शहर से दूर फाफामऊ क्षेत्र के एक विद्यालय में कर दिया गया है। इसी प्रकार उन्होंने बताया कि उनके कई मित्रों का परीक्षा केंद्र यमुनापार एवं गंगापार क्षेत्र में कर दिया गया है। सचिव परीक्षा नियामक की ओर से 12 दिसंबर को प्रवेश पत्र डाउनलोड का विकल्प खुलने के बाद से अब तक करीब सात लाख परीक्षार्थियों ने प्रवेश पत्र डाउनलोड कर लिए हैं।
नहीं चली कार्यालय की मनमानी
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) के प्रवेश पत्र आवंटन में एनआईसी के आगे आगे सचिव परीक्षा नियामक के कर्मचारियों की एक नहीं चली। परीक्षा में आगे-पीछे रोल नंबर आवंटन के लिए एक साथ आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को दूर-दूर केंद्र आवंटित कर दिया गया है।