राजधानी दिल्ली में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री के पास धनसंग्रह के लिए कार्यकर्ता जाएंगे। इसी तरह लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास भी कार्यकर्ता धनसंग्रह के लिए जाएंगे। चंपत राय ने कहा इसी तरह प्रयागराज समेत देश के सभी शहरों में प्रमुख लोगों के यहां जाकर धनसंग्रह की शुरूआत होगी। इस पूरे अभियान के लिए देश भर में विचार परिवार से जुड़े लोगों की एक लाख टोली बनाई गई है। हर एक टोली में न्यूनतम तीन लोग रहेंगे। यह सभी लोग श्री राम जन्मभूमि मंदिर की ऐतिहासिक सच्चाई से लोगों को अवगत कराएंगे। लोगों से स्वयं सहयोगी करने की अपील की जाएगी।
36 महीने में मंदिर का निर्माण पूरा हो जाएगा। चंपत राय ने कहा कि मंदिर के लिए धन संग्रह अभियान देश भर में चलना है। इस दौरान 12 करोड़ हिंदू परिवार यानी 55 करोड़ हिंदुओं तक पहुंचने का लक्ष्य है। इस दौरान स्वयं सेवक पांच लाख गांवों में धनसंग्रह के लिए जाएंगे। यह लक्ष्य पूरा हुआ तो निश्चित ही मंदिर निर्माण के लिए देश भर में रह रहे कुल हिंदुओं की आधी आबादी तक हम पहुंच जाएंगे। यह विश्व का सबसे बड़ा जनसंपर्क अभियान होने जा रहा है।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती
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भीख नहीं, सेवा के लिए मांगा जा रहा सहयोग : स्वामी वासुदेवानंद
संत सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे स्वामी वासुदेवानंद ने कहा कि मंदिर निर्माण के लिए हम भीख नहीं मांग रहे हैं। ट्रस्ट सिर्फ भगवान श्री राम की सेवा के लिए हर एक हिंदू परिवार से सहयोग मांग रहा है। वासुदेवानंद ने कहा कि चंपत राय के निर्देशन में हम सभी हिंदुओं द्वारा मंदिर निर्माण का सपना जल्द पूरा होगा।
हर एक कूपन में रहेगी भगवान राम एवं मंदिर की फोटो
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि राम मंदिर निर्माण में सहयोग के लिए दस, सौ और एक हजार रुपये के कूपन छपवाए गए हैं। इससे ज्यादा की रकम देने वालों के लिए रसीद भी छपवाई गई है। मंदिर का चित्र घर-घर पहुंचे, इसके लिए कूपन में भगवान श्रीराम और मंदिर की तस्वीर भी है। दस रुपये का कूपन थोड़ा छोटा है, बाकी अन्य कूपन रेट के हिसाब से उससे थोड़े बड़ी साइज के हैं।