यमुनापार के कोरांव थाना क्षेत्र के खेदूपुर गांव में सोमवार की शाम संदिग्ध हालातों में एक युवती और उसके दो बच्चे जिंदा जल गए। आग घर में भी फैल गई। ग्रामीणों ने किसी तरह आग पर काबू पाया, लेकिन घर भी जल गया था। दोनों बच्चे खपरैल और बांस बल्ली के बीच दब गए थे। उन्हें किसी तरह बाहर निकालकर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मायके वालों ने ससुरालियों पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने पति, ससुर और सास को हिरासत में ले लिया है। खबर लिखे जाने तक एफआईआर नहीं दर्ज हुई थी। तहरीर का इंतजार किया जा रहा था।
बड़ोखर बाजार के पास खेदूपुर गांव में रहने वाले दिनेश दुबे की पत्नी शिखा (28) अपने दो बच्चों अंजना (3) और रंजना (1) के साथ सोमवार की शाम घर पर थी। शाम को संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई। जब तक गांव वाले आग बुझाते, घर में भी आग फैल गई थी। खपरैल और बांस बल्ली का घर लगभग गिर गया था। आग से बुरी तरह झुलसी शिखा घर से बाहर निकल आई थी, लेकिन बच्चे अंदर ही थे। पुलिस को सूचना दी गई। किसी तरह आग बुझाने के बाद दोनों बच्चों को बाहर निकाला गया।
उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। शिखा की सांसें चल रही थीं। उसे तुरंत अस्पताल भेजा गया, लेकिन उसकी भी रास्ते में मौत हो गई। घटना की सूचना मायके वालों को दी गई तो वे भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पति समेत ससुराल वालों पर हत्या का आरोप लगाया। मौके पर एसडीएम जीतेंद्र पाल, तहसीलदार अनीता देवी, सीओ उमेश शर्मा, इंस्पेक्टर एके दीक्षित आदि अधिकारी पहुंच गए। आस पास के लोगों से बात की गई। इंस्पेक्टर ने बताया कि मायके वालों ने अभी तहरीर नहीं दी है लेकिन एहतियातन पति दिनेश दुबे, ससुर रामनाथ दुबे और सास को हिरासत में ले लिया गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। मायके वाले जैसी तहरीर देंगे, उसके मुताबिक रिपोर्ट दर्ज कर ली जाएगी।
खेदूपुर गांव के दिनेश दुबे की शादी पास के धूंस गांव की शिखा के साथ हुई थी। पिछले कुछ समय से घरेलू कलह चल रही थी। गांववालों के मुताबिक दो दिन पहले शिखा के मायके वाले उसे विदा कराने आए थे, लेकिन दिनेश ने उसे विदा नहीं किया था। इसके बाद से कलह और बढ़ गई थी। घटना के समय सास घर में मौजूद था। उसका कहना था कि शिखा ने खुद ही आग लगाई है। हालांकि, मायके वाले हत्या का आरोप लगा रहे हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।