डिफेंस कॉरीडोर में नैनी स्थित हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) की स्वाधिकृत सहायक संस्था नैनी एयरोस्पेस लिमिटेड (एनएएल) की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। क्योंकि पिछले वर्ष से ही यहां भारतीय सेना द्वारा प्रयोग किए जाने वाले ध्रुव हेलीकॉप्टर का ढांचा बनाने का काम शुरू हो जाएगा।
अभी यह ढांचा एचएएल सिर्फ बंगलूरू में ही बनाती है। इसके अलावा एचएएल ने विमानों में लगाने वाले लूम (तारों का गुच्छा) का निर्माण भी यहां शुरू कर दिया है। साथ ही नैनी एयरोस्पेस को एयरबस और बोइंग एयरक्राफ्ट के लूम बनाने का एएस 9100 डी सर्टिफिकेट भी पिछले वर्ष मिल गया है। डिफेंस कॉरीडोर में शामिल होने के बाद यहां कई अन्य रक्षा उपकरण बनाए जाने का भी रास्ता साफ हो जाएगा।