समाजवादी छात्र सभा के महानगर अध्यक्ष सौरभ यादव ने बताया कि पुलिस उनके राजापुर स्थित आवास पर पहुंची और उन्हें बाहर न निकलने को कहा। सौरभ ने प्रधानमंत्री को समस्याओं के संबंध में ज्ञापन सौंपने की बात कही थी और इसका जिक्र अपने फेसबुक अकाउंट पर भी किया था।
परेड ग्राउंड में होने वाले कार्यक्रम के दौरान विरोध प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए पुलिस की नजर विरोधी दलों के कार्यकर्ताओं-पदाधिकारियों पर भी है। सोमवार को कार्यक्रम से एक दिन पहले इनमें से कई को पुलिस ने नजरबंद कर दिया। उनके घरों के बाहर पुलिस को तैनात कर दिया गया है। संबंधित दलों ने इस कार्रवाई को लेकर ऐतराज भी जताया है।
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समाजवादी छात्र सभा के महानगर अध्यक्ष सौरभ यादव ने बताया कि पुलिस उनके राजापुर स्थित आवास पर पहुंची और उन्हें बाहर न निकलने को कहा। सौरभ ने प्रधानमंत्री को समस्याओं के संबंध में ज्ञापन सौंपने की बात कही थी और इसका जिक्र अपने फेसबुक अकाउंट पर भी किया था। उधर कांग्रेस नेता हसीब अहमद ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट जारी कर बताया कि वह पार्टी की बैठक के संबंध में लखनऊ में हैं लेकिन पुलिस दो बार उनके घर पर जाकर उनके बारे में पूछताछ कर चुकी है।
इसी तरह धूमनगंज निवासी जोंटी यादव ने भी आरोप लगाया है कि पुलिस ने उन्हें घर से न निकलने को कहा है। इसी तरह सपा व कांग्रेस के कई अन्य नेताओं पर भी पुलिस की नजर है। इनमें से कई के घर पर भी पुलिस पहुंची और उनकेबारे में जानकारी हासिल की। हालांकि पुलिस अफसर किसी को नजरबंद न करने की बात कह रहे हैं। उनका कहना है कि कानून व्यवस्था हाथ में लेने वाले पर कार्रवाई की जाएगी।
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पूर्व में हो चुके हैं प्रदर्शन
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री समेत तमाम वीआईपी के आगमन केदौरान पूर्व में विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं। दो साल पहले परेड ग्राउंड पर आयोजित पीएम के कार्यक्रम के दौरान ही समाजवादी छात्र सभा से जुड़े कार्यकर्ताओं ने सभा में काले झंडे लहराए थे। इससे पहले गृह मंत्री अमित शाह व सीएम योगी आदित्यनाथ की फ्लीट के सामने भी विरोध प्रदर्शन की घटनाएं हो चुकी हैं। इसे देखते हुए ही पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर है।