पीसीबी हॉस्टल में पूर्व छात्र की हत्या के मामले में नैनी जेल मेें बंद एक पूर्व छात्रनेता की भूमिका भी संदिग्ध है। दरअसल मृतक रोहित पिछले दिनों किसी से मिलने नैनी जेल गया था। जहां एक पूर्व छात्रनेता बंद है। ऐसे में आशंका है कि रोहित उससे ही मिलने गया था। जिसके बाद हॉस्टल में दोनों गुट आमने-सामने हो गए। पुलिस का कहना है कि हर बिंदुओं को ध्यान में रखकर जांच पड़ताल की जा रही है।
घटना की जानकारी के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू की तो एक चौंकाने वाली बात सामने आई। मृतक के हाथ में नैनी जेल की मुहर लगी मिली। यह वह मुहर है जो बंदियों से मुलाकात करने वालों के हाथ में लगाई जाती है। सूत्रों की मानें तो नैनी जेल में इन दिनों एक पूर्व छात्रनेता बंद है। छानबीन में पता चला है कि पीसीबी हॉस्टल के बगल हो रहे जिस निर्माण कार्य के ठेके को लेकर रोहित व आदर्श के बीच विवाद हुआ, वह ठेका इसी छात्रनेता के करीबी को मिला है। पहले रोहित व आदर्श दोनों ही यहां काम नहीं होने दे रहे थे।
लेकिन अचानक से रोहित ने अपने हाथ पीछे खींच लिए। चर्चाओं को सच माना जाए तो जेल में मुलाकात के बाद ही ऐसा हुआ। रोहित ने तो काम में दखल देना बंद कर दिया लेकिन आदर्श अब भी काम शुरू नहीं होने दे रहा था। इसी बात को लेकर दोनों में जबरदस्त तनातनी थी और यह वारदात हो गई। चर्चा यह भी है कि जेल मेें हुई मुलाकात के बाद ही दोनों गुट आमने-सामने हुए। ऐसे में इस बात की भी आशंका है कि वारदात के पीछे कहीं पूर्व छात्रनेता का ही हाथ न हो। पुलिस का कहना है कि हर बिंदुओं को ध्यान में रखकर जांच पड़ताल की जा रही है।
पुलिस सूत्रों की मानें तो जांच पड़ताल में यह भी पता चला है कि मृतक पूर्व छात्र व मुख्य आरोपी कभी गहरे दोस्त थे। दरअसल दोनों ही इनामी छात्रनेता अच्युतानंद शुक्ला के बेहद करीबियों में शामिल थे। एक गुट का होने के कारण उनके बीच अच्छी बनती भी थी और उन्हें कई मौकों पर साथ देखा गया था। हालांकि अच्युतानंद की हत्या के बाद दोनों के बीच दूरियां बढ़ने लगी थीं। सूत्रों की मानें तो दोनों ही अच्युतानंद की जगह लेना चाहते थे और यही उनके रिश्तों में तनातनी की मुख्य वजह थी। इधर जब ठेके को लेकर देानेां आमने-सामने हुए तो तनातनी रंजिश में बदल गई।
जिस स्टूडेंट एक्टिविटी सेंटर के ठेके में रंगदारी को लेकर विवाद हुआ, वहां पांच दिन पहले ही कुछ लोगों ने जबरन काम बंद करा दिया था। 10 अप्रैल को मौके पर पहुंचे असलहाधारी युवकों ने मजूदरों को धमकाया भी था, जिसके बाद वहां काम बंद हो गया। निर्माणदायी विभाग पीडब्ल्यूडी के कार्यपालक अभियंता की ओर से इविवि रजिस्ट्रार को पत्र भेजकर इस मामले की जानकारी दी गई थी। साथ ही उन्होंने मजदूरों व ठेकेदार को सुरक्षा व्यवस्था भी उपलब्ध कराने की मांग उठाई थी। सूत्रों का कहना है कि रंगदारी की मांग को लेकर ही काम बंद कराया गया था।
पुलिस का कहना है कि मृतक रोहित पिछले साल मारे गए इनामी छात्रनेता अच्युतानंद उर्फ सुमित शुक्ला का बेहद करीबी था। वह अच्युतांनद हत्याकांड का गवाह भी था। खास बात यह है कि अच्युतानंद की हत्या भी पीसीबी हॉस्टल के भीतर गोली मारकर कर दी गई थी। जिस जन्मदिन पार्टी में अच्युतानंद की हत्या हुई, उसमें अन्य दोस्तों के साथ रोहित भी शामिल था। जिसके बाद उसने आरोपियों के खिलाफ पुलिस को गवाही भी दी थी। रविवार को हुई वारदात के बाद उसके करीबियों में इस बात की भी चर्चा रही।
पुलिस ने बताया कि मृतक रोहित शुक्ला का नाम पूर्व में आपराधिक घटनाओं में सामने आ चुका है। उस पर कुल छह मुकदमे दर्ज हैं। जिनमें मारपीट, रंगदारी मांगने व लूट के मामले शामिल हैं। उधर मुख्य आरोपी आदर्श के बारे में पता लगाया जा रहा है। कर्नलगंज इंस्पेक्टर अनूप सिंह ने बताया कि आरोपियों में आदर्श के अलावा नवनीत उर्फ अभिषेक व सौरभ भी पीसीबी हॉस्टल के ही रहने वाले हैं। अन्य आरोपियों के बारे में पता लगाया जा रहा है।
चर्चा है कि मृतक व मुख्य आरोपी आदर्श हफ्ते भर पहले भी आमने सामने हो गए थे। जिसके बाद दोनों बीच फायरिंग भी हुई थी। हालांकि कर्नलगंज पुलिस ने ऐसी किसी घटना की जानकारी से इंकार किया।
घटना के बाद हरकत में आई पुलिस ने आरएएफ के साथ सोमवार सुबह पीसीबी हॉस्टल में छापेमारी की। इस दौरान इविवि प्रशासन के अफसर भी साथ रहे। एसपी सिटी बृजेश कुमार श्रीवास्तव, सीओ श्रीश्चंद्र, कर्नलगंज इंस्पेक्टर अनूप सिंह ने मय फोर्स एक-एक कमरों की तलाशी ली। इस दौरान कमरा नंबर 35 में बम बनाने का बारूद व रिपिट के साथ ही कारतूस का खोखा बरामद हुआ।