अतीक अहमद की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। दरअसल सुप्रीम कोर्ट में अतीक की आपराधिक गतिविधियों को लेकर याचिका दाखिल की गई है। कोर्ट इस याचिका पर सुनवाई के लिए राजी हो गया है। 23 अप्रैल को उत्तर प्रदेश सरकार की रिपोर्ट पर विचार करेगा।
लखनऊ के रियल एस्टेट कारोबारी मोहित जायसवाल ने 28 दिसंबर को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनका अपहरण कर देवरिया जेल ले जाया गया जहां उनके साथ मारपीट कर लाखों की प्रापर्टी पर जबरन हस्ताक्षर करा लिया गया। रिपोर्ट के बाद बवाल मच गया था। पुलिस ने देवरिया जेल में छापा मारा था। इसके बाद अतीक को बरेली जेल भेज दिया गया था। इस मामले में अतीक के बेटे और कई करीबियों के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
इस मामले में याचिकाकर्ता अश्विनी उपाध्याय ने आपराधिक मामलों दोषी नेताओं को आजीवन चुनाव लड़ने पर पाबंदी की गुहार लगाई थी। राज्य सरकार ने भी इस मामले में पूरी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपी है। सुप्रीम कोर्ट इस मामले में 23 राज्य सरकार की रिपोर्ट पर विचार करेगी। जानकार बताते हैं कि इस मामले में अतीक की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
धूमनगंज के रहने वाले जैद ने भी अतीक के खिलाफ अपहरण और देवरिया जेल में ले जाकर पिटाई की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जैद का आरोप था कि एक जमीन के एक मामले में उनका और उनके दोस्तों का अपहरण कर देवरिया जेल ले जाया गया। वहां उनकी जमकर पिटाई की गई। लखनऊ वाला प्रकरण सामने आने के बाद जैद ने धूमनगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उस मामले में भी जांच चल रही है।